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अब इन शिक्षकों का आया नंबर, रुकेगी इंक्रीमेंट

Fri, 14 Sep 2018 10:17 AM IST
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, शिमला
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प्रदेश के सरकारी स्कूलों के इन शिक्षकों की इंक्रीमेंट रुकेगी। सूची बनना शुरू हो गई है। निदेशालय ने दोबारा चेतावनी पत्र जारी कर दिया है।
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प्रदेश के सरकारी स्कूलों में बारहवीं कक्षा पढ़ाने वाले सौ से अधिक और शिक्षकों की इंक्रीमेंट रुकेगी। 25 फीसदी से कम परिणाम देने वाले 38 शिक्षकों की इंक्रीमेंट रोकने के बाद अब 50 फीसदी से कम परिणाम देने वाले शिक्षकों की सूची बनना शुरू हो गई है। कांगड़ा, कुल्लू और लाहौल स्पीति जिला से कम परिणाम देने वाले शिक्षकों के नाम नहीं आने से फिलहाल कार्रवाई रुक गई है।
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इन तीनों जिलों को निदेशालय ने दोबारा चेतावनी पत्र जारी कर दिया है। शेष नौ जिलों से भेजे गए शिक्षकों के नाम सौ से अधिक हैं। उच्च शिक्षा निदेशालय के अनुसार प्रदेश के 55 सरकारी स्कूलों में बोर्ड की परीक्षाओं में इस बार एक भी विद्यार्थी पास नहीं हुआ है।

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बारहवीं के 16 और दसवीं के 39 स्कूलों का परीक्षा परिणाम शून्य रहा है। बारहवीं में कांगड़ा और मंडी से 4-4, बिलासपुर और लाहौल-स्पीति से 3-3, चंबा और सिरमौर से 1-1 स्कूल ऐसा है, जहां एक भी बच्चा पास नहीं हुआ है। दसवीं और बारहवीं की परीक्षाओं में 396 स्कूलों का इस साल परीक्षा परिणाम 25 फीसदी से कम है।
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इनमें बारहवीं के 91 और दसवीं के 305 स्कूल शामिल हैं। निदेशालय के अधिकारियों के अनुसार 25 फीसदी से कम परिणाम देने वाले शिक्षकों के खिलाफ कार्रवाई करने के बाद अब 50 फीसदी से कम परिणाम देने वाले शिक्षकों के खिलाफ शुरू की गई है। तीन जिलों से शिक्षकों से अभी शिक्षकों की सूची प्राप्त नहीं हुई है। इस सूची के आते ही आगामी कार्रवाई शुरू कर दी जाएगी।
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दसवीं कक्षा की बोर्ड परीक्षाओं में 25 फीसदी से कम परिणाम देने वाले टीजीटी के खिलाफ अभी तक कोई कार्रवाई नहीं हुई। कम परिणाम देने वाले शिक्षकों के खिलाफ कार्रवाई करने के लिए सरकारी द्वारा बनाई गई नीति के बावजूद प्रारंभिक शिक्षा निदेशालय कार्रवाई करने के लिए सरकार के आदेशों का लिखित में आने का इंतजार कर रहा है। निदेशक प्रारंभिक शिक्षा रोहित जमवाल ने बताया कि बोर्ड परीक्षाओं में कम परिणाम देने वाले टीजीटी के खिलाफ कार्रवाई करने के लिए अभी लिखित आदेश नहीं आए हैं।
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