राजधानी शिमला और धर्मशाला में वीरवार शाम को झमाझम बारिश हुई। शिमला में शाम चार बजे से पांच बजे और धर्मशाला में साढ़े पांच से साढ़े छह बजे तक बादल जमकर बरसे। राजधानी में एक घंटे के भीतर 14 जबकि धर्मशाला में 17 मिलीमीटर बारिश रिकॉर्ड हुई।
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दूसरी ओर रोहतांग दर्रा समेत घाटी की ऊंची चोटियों पर बर्फ के फाहे गिरे हैं। इससे मनाली की ऊझी घाटी और लाहौल-स्पीति में ठंड हो गई है। वीरवार शाम के समय बर्फ के फाहे गिरने से रोहतांग दर्रा के साथ बारालाचा, कुंजुम दर्रा की पहाड़ियां बर्फ से सफेद हो गईं।
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उधर, जिला ऊना के बडूही में बुधवार रात बारिश और तूफान से भारी नुकसान हुआ है। करीब डेढ़ दर्जन बिजली खंभे टूट गए जिससे कई क्षेत्रों में विद्युत आपूर्ति ठप हो गई। बडूही-जोल मार्ग पर जगह-जगह पेड़ गिरने से सड़क अवरुद्ध हो गई।
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बडूही में सफेदे के पेड़ गिरने से एक ट्रक और दुकान बुरी तरह से क्षतिग्रस्त हो गई। बडूही-जोल मार्ग करीब तीन से चार घंटे तक बंद रहा। बारिश से मक्की की फसल को भी भारी नुकसान हुआ है। मौसम विज्ञान केंद्र शिमला ने 17 सितंबर से पूरे प्रदेश में मौसम साफ रहने का पूर्वानुमान जताया है।
14 और 15 सितंबर को भारी बारिश होने की चेतावनी भी अब हट गई है। शुक्रवार को प्रदेश के कुछ क्षेत्रों में हल्की बारिश होने की संभावना जताई गई है। 16 सितंबर से मैदानी जिलों ऊना, बिलासपुर, हमीरपुर, कांगड़ा और 17 सितंबर से मध्य पर्वतीय क्षेत्रों शिमला, सोलन, सिरमौर, मंडी, कुल्लू और चंबा में मौसम साफ रहने के आसार हैं।