हिमाचल में कड़ाके की ठंड जानलेवा होती जा रही है। पिछले छह दिनों में 12 लोगों की जान चली गई है। छह लोगों की मौत बर्फ में फंसने और हादसों की वजह से जबकि छह लोगों की मौत बर्फीले क्षेत्रों में कोयले की अंगीठी से निकली गैस से हुई है। जनजातीय जिला लाहौल स्पीति के लोट गांव में एक युवक की कोयले की अंगीठी से निकली गैस से मौत हो गई।
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हिमाचल के नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी (एनआईटी) हमीरपुर के चार छात्र मंडी के शिकारी देवी में सात फीट तक बर्फ के बीच फंस गए हैं। छह जनवरी के बाद उनसे संपर्क नहीं हो पा रहा है। उनके मोबाइल फोन स्विच ऑफ आ रहे हैं।
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वीरवार को बिलासपुर के बरमाणा निवासी सुरेंद्र कुमार ने अपने बेटे नवनीत समेत चार दोस्तों के लापता होने की जंजैहली चौकी में शिकायत दर्ज करवाई है। शुक्रवार को पुलिस की 20-20 सदस्यों की दो रेस्क्यू टीमें शिकारी देवी क्षेत्र में छात्रों की तलाश के लिए सर्च ऑपरेशन शुरू करेंगी। बताया जा रहा है कि दो छात्र एमबीए जबकि दो बीटेक की पढ़ाई कर रहे हैं।
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शिमला शहर में आगामी दिनों में बर्फबारी के अंदेशा जताया गया है। ऐसे में खाद्य आपूर्ति महकमे ने थोक विक्रेताओं को अतिरिक्त दूध ब्रेड की सप्लाई 13 तथा 14 जनवरी को रखने के निर्देश जारी किए हैं। महकमे के अफसरों का कहना है कि इसके लिए थोक विक्रेताओं को निर्देश जारी कर दिए गए हैं।
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लाहौल की पहाड़ियों पर विचरने वाले आईबैक्स प्रजातियों के प्राणियों ने रिहायशी इलाकों की ओर रुख कर दिया है। शून्य से नीचे तापमान के बीच अधिकतर झरनों और नालों का पानी ठोस बर्फ में तब्दील हो गया है। ऐसे में वन्य प्राणी प्यास बुझाने के लिए निचले क्षेत्रों की ओर आने लगे हैं। इन प्राणियों में अधिकतर झुंड आईबैक्स प्रजाति के प्राणी का देखा जा रहा है। इनके शिकार न हो इसे लेकर वन विभाग लाहौल ने पेट्रोलिंग शुरू कर दी है।
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शिमला ग्रामीण के दर्जनों गांवों में बर्फबारी के छह दिन बाद भी बिजली और पानी नहीं है। बर्फबारी के कारण गिरे पेड़ों ने विद्युत विभाग के जतोग सब डिविजन और धामी सब डिविजन की टुटू हीरानगर के आसपास जगह- जगह मुख्य लाइन और अन्य लाइनों को नुकसान पहुंचाया है। छह दिन बीत जाने पर भी टुटू जतोग सब डिविजन में आने वाले दर्जनों गांवों में अभी भी बिजली और पेयजल आपूर्ति बाधित है।
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मंडी जिला में बर्फबारी से प्रभावित क्षेत्रों में सड़कें बहाल करने के लिए जिला प्रशासन व अन्य विभागों ने राहत कार्य जोरों से चलाया है। हिमपात के कारण मंडी जिले के ऊपरी क्षेत्रों में 77 सड़कें प्रभावित हुई हैं जिनमें से सभी मुख्य मार्गों सहित 42 सड़कों पर यातायात सुचारु कर दिया गया है। खाद्य एवं आपूर्ति निगम ने बर्फबारी प्रभावित क्षेत्रों सहित पूरे जिले के डिपुओं को चीनी का कोटा सप्लाई कर दिया है।
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भारी बर्फबारी और बारिश से बंद हुए जिला सिरमौर की 9 सड़कों को वाहनों की आवाजाही के लिए बहाल कर दिया गया है। शेष तीन सड़कों को खोलने का कार्य युद्घ स्तर पर जारी है। जल्द ही इन सड़कों को यातायात के लिए खोल दिया जाएगा। उपायुक्त सिरमौर बीसी बडालिया ने कहा कि बर्फबारी के कारण जिला सिरमौर के ऊंचाई वाले इलाकों में 12 सड़कें बंद हो गई थीं।
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चंबा में भी हालात पूरी तरह सामान्य नहीं हो पाए हैं। दूरदराज में लोग अब भी बिजली, पानी व सड़क के लिए तरस रहे हैं। बिजली बोर्ड ने वीरवार को भरमौर क्षेत्र में बर्फबारी के बीच आधा दर्जन ट्रांसफार्मर को चालू कर दिया है। यहां अब करीब एक दर्जन ट्रांसफार्मर बंद हैं जिनकी वजह से 30 गांव में बिजली संकट अभी भी बना हुआ है। बिजली बोर्ड ने साफ कर दिया है कि मौसम साफ रहा तो रविवार तक हालात सामान्य हो पाएंगे।
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नेरवा क्षेत्र के सभी गांवों में सात दिन बाद भी बिजली बहाल न होने से लोग दयनीय हालत में जीने को मजबूर हैं। मौसम खुलने के बावजूद बिजली न पहुंचने से लोग बिजली बोर्ड की कार्यप्रणाली को लेकर सवाल उठा रहे हैं। लोगों ने बिजली बोर्ड से शीघ्र बिजली बहाल करने की मांग की है।
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पिछले सप्ताह विंटर कार्निवाल के अंतिम दिन हुई भारी बर्फबारी के बाद पर्यटन नगरी मनाली में सैलानी उमड़े पड़े हैं। मनाली के होटलों में ऑक्युपेंसी 50 फीसदी से अधिक चल रही है। बर्फबारी के देखते हुए कारोबारियों को बेहतर कारोबार की उम्मीद है।
शिमला में हुई भारी बर्फबारी सैलानियों के लिए मौज मस्ती की जगह परेशानी का सबब बन गई है। दिनभर बर्फबारी का क्रम जारी रहने के कारण सैलानी होटलों में ही दुबके रहे। सुबह के समय सैलानी रिज मैदान और मालरोड पर मौज मस्ती करते नजर आए, लेकिन बर्फबारी न रुकने पर सैलानियों ने अपने होटलों का रुख करना शुरू कर दिया। होटलों में लाइट न होने के कारण सैलानियों को भारी परेशानी झेलनी पड़ी।