अपनी जान की परवाह किए बिना दिल्ली के रहने वाले स्क्वाड्रन लीडर मीत कुमार ने पट्टां जाटिया पंचायत की बस्तियों में रहने वाले सैकड़ों लोगों की जान बचा ली।
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पायलट मीत कुमार मिग 21 लड़ाकू विमान को कहीं भी गिराकर अपनी जान बचा सकते थे, लेकिन बस्तियों को देखकर उन्होंने ऐसा नहीं किया। उन्होंने लड़ाकू विमान को बस्ती से दूर ले जाकर खेतों में गिराया।
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अधिकारी बता रहे हैं कि मीत कुमार के जिंदा बचने की संभावना बेहद कम है, क्योंकि घटनास्थल से मांस के कई टुकड़े मिले हैं।
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इलाके के लोग कह रहे हैं कि पायलट ने अपनी जान की परवाह किए बिना बस्तियों में रहने वाले लोगों की जान बचाई। हादसे की जानकारी इलाके में आग की तरह फैल गई।
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घटनास्थल पर लोगों का हजूम लग गया। प्रत्यक्षदर्शी अजय और सुधीर ने बताया कि मैरा गांव के ऊपर से दोपहर करीब 12:35 पर लड़ाकू विमान गुजरा। वह महज 200 मीटर की ऊंचाई पर था। उस समय इसमें आग लगी थी।
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विमान इधर-उधर चक्कर लगाता रहा। इससे लग रहा था कि पायलट विमान को आबादी से बाहर ले जाने की कोशिश कर रहा था। जहां विमान गिरा, वहां चारों तरफ सैकड़ों की आबादी थी।
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जिलाधीश कांगड़ा संदीप कुमार, एसपी संतोष पटियाल भी मौके पर पहुंच गए थे। एसपी ने कहा कि लड़ाकू विमान में अकेला पायलट ही था। उसका नाम मीत कुमार बताया जा रहा है। क्षेत्र में यह पहला विमान हादसा था।
घटना के पश्चात क्षेत्र में अफरातफरी मच गई। वायुसेना से सेवानिवृत्त पंकज शर्मा ने बताया कि वह भी 18 विंग यूनिट में थे। घटना की जानकारी मिलते ही उन्होंने यूनिट को सूचित किया।