सेंट्रल कश्मीर में बडगाम जिले के ड्रांग में आतंकवादियों से लोहा लेते शहीद हुए सूबेदार राजकुमार की उनके पैतृक गांव खन्नी में अंतिम विदाई के दौरान लोग अपने आंसू रोक नहीं पाए। इस दौरान लोगों ने पाकिस्तान के खिलाफ भी जमकर नारेबाजी की।
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शहीद राजकुमार की अंतिम विदाई पर मंगलवार को उनका गांव उपरली खन्नी रो पड़ा। श्रीनगर के बडगाम में आतंकवादियों से लोहा लेते हुए बीते रविवार को शहीद हुए सूबेदार राजकुमार का मंगलवार को उनके पैतृक गांव में पूरे सैनिक सम्मान के साथ अंतिम संस्कार किया गया।
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इस दौरान लोगों ने सूबेदार राजकुमार अमर रहे और पाकिस्तान मुर्दाबाद के नारे भी लगाए। शहीद की पार्थिव देह मंगलवार सुबह करीब सवा 6 बजे उनके पैतृक गांव पहुंची।
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शहीद के घर जुटे सैकड़ों लोग उस समय अपने आंसू नहीं रोक पाए, जब शहीद की पत्नी करवाचौथ पर अपने हाथों में सजाई मेहंदी दिखाकर पार्थिव देह पर विलाप करने लगी। शहीद के दोनों बेटे भी अपने पिता की पार्थिव देह पर सिर रखकर विलाप करने लगे।
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गांव के श्मशानघाट पर सिख रेजिमेंट ममून, पठानकोट के जवानों ने पूरे सम्मान के साथ शहीद सूबेदार राजकुमार को अंतिम सलामी दी व हवा में फायर किए।
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प्रशासन की ओर से एसडीएम नूरपुर आबिद हुसैन सदीकी, डीएसपी मेघनाथ चौहान, विधायक अजय महाजन, जिला भाजपा महामंत्री रणवीर सिंह निक्का, अशोक इंदौरिया, दयाल सिंह बिट्टा, पूर्व परिषद सतपाल सिंह, मंजीत सिंह व सिख रेजिमेंट ममून के अधिकारी और जवान मौजूद रहे।
1970 में जन्में राजकुमार 1990 में बतौर सिपाही भर्ती हुए। 27 साल सेना में सेवाएं देने के बाद जल्दी ही रिटायर होकर आने वाले थे। सुलयाली गांव में उन्होंने नया घर भी बनवाया है। रिटायर होने के बाद उन्होंने नए घर में गृह प्रवेश करना था। राजकुमार का एक बेटा 11वीं और दूसरा 8वीं कक्षा में पढ़ता है।