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Mahashivratri 2023: देवभूमि के मंदिरों में लगे हर-हर महादेव के जयकारे, ढोल नगाड़ों के साथ निकली भोले की बरात

Sat, 18 Feb 2023 03:55 PM IST
अरविन्द ठाकुर न्यूज डेस्क, अमर उजाला, शिमला
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शिमला में भोले बाबा का जलाभिषेक करते भक्त। - फोटो : अमर उजाला
हिमाचल प्रदेश में महाशिवरात्रि का पर्व बड़े ही हर्षोल्लास के साथ मनाया जा रहा है। राज्य की शक्तिपीठों श्रीनयना देवी, चिंतपूर्णी, ज्वालाजी, बज्रेश्वरी और आदि हिमानी मां चामुंडा के मंदिरों के अलावा शिवालयों में भक्तों की भीड़ उमड़ रही है। भक्त भगवान भोलेनाथ को जल, बेलपत्र, फल आदि चढ़ाने और उनके दर्शन के लिए सुबह से मंदिरों में पहुंच रहे हैं। पूरा हिमाचल शिवमय हो गया है। देवभूमि के मंदिर हर-हर महादवे के जयकारों से गूंज उठे हैं। चंबा जिले के चौरासी मंदिर परिसर में भगवान धर्मराज के मंदिर को विशेष रूप से सजाया गया है। 
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- फोटो : अमर उजाला
यहां भोलेनाथ का आशीर्वाद लेने भक्त बड़ी संख्या में पहुंच रहे हैं। चौरासी मंदिर में मणिमहेश लिंग की पूजा-अर्चना का विशेष महत्व है। वहीं, साहो के ऐतिहासिक चंद्रशेखर मंदिर में भी बड़ी संख्या में भक्त भोलेनाथ के दर्शन के लिए पहुंच रहे हैं। मंडी के बाबा भूतनाथ मंदिर में दर्शन के लिए पहुंचे भक्त एक किलोमीटर लंबी लाइन में इंजतार करते रहे। 

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शिमला में भगवान शिव की बरात। - फोटो : अमर उजाला
राजधानी शिमला में सुबह सात बजे तक अधिकांश शिवालयों के कपाट दर्शनों के लिए खोल दिए गए। शिव के रुद्राभिषेक करने के लिए लोग हाथों में जल का लोटा और दूध लेकर कतारों में अपनी बारी का इंतजार करते दिखे। आठ बजे तक कालीबाड़ी मंदिर, मिडल बाजार, विकासनगर, पंथाघाटी, बड़ागांव, मल्याना, ढली और घणाहट्टी के शिव मंदिर चौंरीधार में लोगों ने कतारों में खड़े होकर बाबा भोलेनाथ के दर्शन किए तथा पूजा अर्चना की।

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- फोटो : अमर उजाला
मंदिर में आए भक्तों के लिए पकौड़े तथा अन्य प्रसाद की व्यवस्था की गई थी। इस दौरान मंदिरों में दिनभर मेरा भोला है भंडारी करे नंदी की सवारी... शिव कैलाशों के वासी भजनों पर लोग नाचते रहे। शहर के मंदिरों को फूलों व बिल्व पत्रों से सजाया गया था। इसके अलावा मंदिरों के बाहर बिल्व पत्र और फल भी बेचे जा रहे थे।
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- फोटो : अमर उजाला
राधा-कृष्ण गंज मंदिर से भगवान शिव की बरात निकाली गई। लोगों ने भगवान शिव की पालकी को कंधा भी दिया। महिला तथा पुरुष भजन कीर्तनों और ढोल की थाप पर नाचे। दोपहर बाद यह बरात राम मंदिर पहुंची।  शेरे पंजाब, लिफ्ट शिवालय, ओल्ड बस स्टैंड के पास स्थानीय कारोबारियों तथा लोगों ने पकौड़े तथा भंडारे की व्यवस्था की थी। भगवान शिव का प्रसाद पाने के लिए युवाओं में होड़ मची रही। कुछ लोग गिलासों और कुछ बोतलें लेकर लाइनों में खड़े नजर आए। घणाहट्टी स्थित शिव मंदिर चौंरीधार काफी पुराना मंदिर है। 
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- फोटो : संवाद
मंदिर के पुजारी शिव कुमार ने बताया कि बहुत सालों पहले यहां पर एक गाय आती थी। इस दौरान उसके थनों से अपने आप दूध निकलना शुरू हो जाता था। इसकी जानकारी स्थानीय लोगों ने धामी रियासत की राजमाता को दी थी। यहां पर जब मिट्टी की खुदाई की गई तो शिव की पिंडी निकली। इसके बाद मंदिर का निर्माण किया गया। तब से लेकर अब तक महाशिवरात्रि पर्व धूमधाम से मनाया जाता है। 
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मंडी में निकाली गई लघु जलेब। - फोटो : अमर उजाला
मंडी में अंतरराष्ट्रीय महाशिवरात्रि महोत्सव के लिए राज देवता माधोराय के मंदिर से भूतनाथ मंदिर तक लघु जलेब निकाली गई और प्रशासन बाबा भूतनाथ को शिवरात्रि का न्यौता देने पहुंचा। अंतरराष्ट्रीय महाशिवरात्रि महोत्सव 19 फरवरी को माधोराय की शाही जलेब के साथ शुरू होगा। 
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- फोटो : अमर उजाला
इसका शुभारंभ मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू करेंगे। वह राज देवता माधोराय और आराध्य देव भूतनाथ मंदिर में पूजा-अर्चना करेंगे। इसके बाद शाही अंदाज में निकलने वाली माधोराय की शोभायात्रा में शामिल होंगे। इस देव समागम में जिला के 216 देवी-देवता अपने देवलुओं, कारदारों, गूरों और बजंतरियों को निमंत्रण दिया गया है। जलेब में चुनिंदा देवी देवता ही हाजिरी भरेंगे। सात दिन तक चलने वाले मेले का समापन 25 फरवरी को राज्यपाल शिव प्रताप शुक्ला करेंगे।
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