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ब्यास की महाआरती में उमड़ा जनसैलाब, स्वरलहरियों से गूंज उठी घाटी

Wed, 02 Jan 2019 12:04 PM IST
अरविन्द ठाकुर न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मौहल (कुल्लू)
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कुल्लू जिला मुख्यालय के साथ बहने वाली ब्यास नदी में पहली बार जिला प्रशासन की ओर से महा आरती आयोजन किया गया। ब्यास महा आरती में हजारों की संख्या में लोग शामिल हुए। जिला प्रशासन ने पांच हजार से अधिक लोगों के आने का दावा किया है। मंगलवार साढ़े पांच बजे से शुरू हुई आरती का आगाज शंख ध्वनि से हुआ।
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इसके बाद कार्यक्रम के मुख्यातिथि वन मंत्री गोविंद सिंह ठाकुर के पहुंचते ही मशालों को जलाया गया। बाद में 161 पंडितों की उपस्थिति में वैदिक मंत्रों के साथ ब्यास नदी की पूजा पाठ की। बाद में करीब 200 ढोल-नगाड़ों व अन्य वाद्य यंत्रों की देवधुनों से महा आरती की रस्म को पूर्ण करवाया तथा सैकड़ों लोगों ने ब्यास नदी में मिट्टी और आटे के दीये प्रवाहित किए।
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महा आरती में वन मंत्री गोविंद सिंह ठाकुर के अलावा एचपीएमसी के उपाध्यक्ष राम सिंह, उपायुक्त कुल्लू यूनुस आदि विशेष रूप से मौजूद रहे। वन मंत्री गोविंद सिंह ठाकुर ने नववर्ष के पहले दिन मंगलवार शाम को मौहल के नेचर पार्क परिसर में पर्यावरण एवं जल संरक्षण का संदेश दिया।

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उन्होंने वैदिक मंत्रोच्चारण और पारंपरिक वाद्ययंत्रों की मंगल ध्वनि के बीच बड़ी संख्या में उपस्थित लोगों के साथ ब्यास की आराधना की। वन मंत्री ने कहा कि पर्यावरण संरक्षण हमारी प्राचीन सभ्यता, संस्कृति और आम दिनचर्या का अभिन्न अंग रहा है। पर्यावरण संरक्षण की प्राचीन परंपरा को आगे बढ़ाने के लिए तथा भारत की मुख्य नदियों में शुमार ब्यास की पवित्रता बनाए रखने के लिए ब्यास आरती की परंपरा आरंभ की गई है।
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रोहतांग दर्रे से निकलने वाली ब्यास नदी को पूजनीय माना जाता है। लोगों की श्रद्धा का केंद्र इस नदी में पहली बार जिला प्रशासन ने नववर्ष के शुभारंभ पर महाआरती का आयोजन किया। मंगलवार शाम पांच बजे ढोल-नगाड़ों और वाद्य यंत्रों की देवधुनों से शुरू हुई इस महाआरती में जिले भर के हजारों लोग शामिल हुए। मशालें जलाई गईं। 161 पंडितों ने मंत्रोच्चार के साथ ब्यास नदी की पूजा की। महाआरती में शामिल हुए लोगों ने ब्यास में मिट्टी और आटे से बने दीये प्रवाहित किए। वन मंत्री गोविंद सिंह ठाकुर ने मौहल के नेचर पार्क परिसर में पर्यावरण एवं जल संरक्षण के प्रति जागरूकता और ब्यास नदी की पवित्रता को बरकरार रखने के लिए आयोजित ब्यास आरती में मुख्य यजमान के रूप में भाग लिया।
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