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हिमाचल में भाजपा के दो सांसदों के टिकट कटे, ये है बड़ी वजह

Sun, 24 Mar 2019 11:46 AM IST
अरविन्द ठाकुर न्यूज डेस्क, अमर उजाला, शिमला
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भाजपा की केंद्रीय चुनाव समिति ने हिमाचल से लोकसभा चुनाव के लिए चारों टिकट तय कर दिए हैं। दो सीटों पर नए चेहरे उतारे गए हैं जबकि बाकि दो सीटों पर सिटिंग सांसदों काे टिकट मिला है।
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कांगड़ा से खाद्य आपूर्ति मंत्री एवं गद्दी नेता किशन कपूर और शिमला संसदीय सीट से पच्छाद के विधायक सुरेश कश्यप को टिकट मिले हैं। कांगड़ा के सांसद शांता कुमार ने चुनाव लड़ने से इंकार कर दिया है तो दूसरी ओर शिमला से मौजूदा सांसद वीरेंद्र कश्यप का टिकट कट गया है।
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अमर उजाला ने इस बात का खुलासा पहले ही कर दिया था कि प्रदेश में दो सिटिंग सांसदों के टिकट कटेंगे। शुक्रवार देर रात तक चली केंद्रीय चुनाव समिति की बैठक में चारों टिकटों पर फैसला ले लिया गया। इन टिकटों पर शनिवार शाम को मुहर लग गई।

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बेशक मौजूदा सांसद शांता मैदान से हट गए हों, मगर कपूर को प्रत्याशी बनाने में भी उनकी सहमति मानी जा रही है। शांता और कपूर के संबंधों को भुनाकर भाजपा ब्राह्मणों और गद्दी समुदाय के वोट साध रही है। 
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बेशक शांता कुमार ने अचानक चुनाव नहीं लड़ने का एलान किया हो और भले ही उनके समर्थक किशन कपूर को टिकट दिया गया हो लेकिन शांता कुमार के समर्थक उनके यूं मैदान से हटने के बाद निराश भी हुए हैं। इससे कांगड़ा में शांता को चाहने वालों को मनाने के लिए भाजपा को खासी मशक्कत करनी पड़ सकती है।


 
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सिटिंग भाजपा सांसद वीरेंद्र कश्यप का टिकट कटने के पीछे कई कारण बताए जा रहे हैं। सूत्रों ने बताया कि एक तो पार्टी के विभिन्न स्तरों पर हुए सर्वेक्षण उनके पक्ष में नहीं थे। दूसरी बात यह कि दो बार भाजपा सांसद रह चुके कश्यप के खिलाफ इस बार एंटी इनकंबेंसी फैक्टर माना जा रहा था।
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भाजपा ने वीरेंद्र कश्यप के भाई राजेश कश्यप को भी विधानसभा चुनाव में सोलन से टिकट दिया था, लेकिन तमाम प्रचार के बावजूद वह चुनाव हार गए थे। इससे भी उनके विरोधियों को उनकी लोकप्रियता पर सवाल खड़ा करने का मौका मिल गया।
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वीरेंद्र कश्यप कुछ अरसे पहले सीडी मामले को लेकर भी विवादों रह चुके हैं। हिमाचल में उनको भाजपा के एक ऐसे खेमे से भी जोड़ा जाता है जो हाशिये पर चल रहा है। 
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