शिमला से सुरेश कश्यप को 6,06,183 मत मिले, जबकि धनीराम शांडिल को 2,78,668 मत मिले। हिमाचल के इतिहास में अब तक की चारों संसदीय सीटों पर सबसे बड़ी जीत है। वर्ष 2014 में भी मोदी लहर में भाजपा ने कांग्रेस का सूपड़ा साफ कर चारों सीटें जीती थीं। उस वक्त कांगड़ा से भाजपा प्रत्याशी शांता कुमार की 1,70,072 की सर्वाधिक लीड थी।