सैंज घाटी के कशु नारायण न्याय के देवता हैं। यहां सच और झूठ का पर्दाफाश होता है। बिजली महादेव और जुआणी महादेव रघुनाथ की रथ यात्रा में सदियों से बायीं ओर चलते हैं। पहले नंबर पर बिजली महादेव और दूसरे नंबर पर जुआणी महादेव रथ यात्रा में चलते हैं। देव समागम में कुल्लू के दर्जनों देवी-देवता भाग नहीं लेते हैं। कुल्लू जिला की भुवनेश्वरी माता, माता जगन्नाथी भुवनेश्वरी पुईद आधे रास्ते में पहुंच कर भगवान रघुनाथ का अभिवादन करती हैं। दोनों देवियों की अनुमति से रघुनाथ की आराधना और लंका पर चढ़ाई होती है। सदियों से सारी फाटी के कशु नारायण, फलाणी नारायण, लगवैली के भगवान कुष्ण और देवी फुंगणी, माहुटी नाग, बडाग्रां के बीरनाथ दशहरा में नहीं आते हैं।