हिमाचल में 10वीं की परीक्षा में छाई बेटियां, पढ़िए क्या हैं इनके सपने
Fri, 13 May 2016 09:05 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, शिमला
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10वीं की परीक्षा में बेटियों का दबदबा कायम है। बड़े सपने लिए ये होनहार मेहनत से अपनी मंजिल छूना चाहते हैं। आइए जानते हैं इनके सपने..
- फोटो : अमर उजाला
10वीं की परीक्षा में बेटियों का दबदबा कायम है। बड़े सपने लिए ये होनहार मेहनत से अपनी मंजिल छूना चाहते हैं। आइए जानते हैं इनके सपने..
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दसवीं में पहले स्थान पर रहीं अक्षिमा ठाकुर हृदयरोग विशेषज्ञ बनना चाहती हैं। प्रदेश शिक्षा बोर्ड के परिणाम में 700 में से 690 अंक लिए हैं। अक्षिमा ने बताया कि उनका उद्देश्य बड़े होकर गरीबों तथा जरूरतमंद लोगों की सेवा करना है। एक डॉक्टर बनकर अपना सपना पूरा करना चाहती हैं। उन्होंने अपनी कामयाबी का श्रेय माता-पिता, गुरुजनों और प्रधानाचार्य संजय चंदेल को दिया है। कहा कि वह दिन में करीब 10 से 12 घंटे पढ़ाई करती हैं। खाली समय में अपनी मां के साथ रसोई में हाथ बंटाती हैं। उन्हें गायन और नृत्य का भी शौक है। अक्षिमा के पिता जीव विज्ञान प्रवक्ता सुरेश कुमार ने बताया कि यह एक होनहार छात्रा है। अक्षिमा की मां नीलम कुमारी भी अध्यापिका हैं।
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दसवीं में पहले स्थान पर रहीं अक्षिमा ठाकुर हृदयरोग विशेषज्ञ बनना चाहती हैं। प्रदेश शिक्षा बोर्ड के परिणाम में 700 में से 690 अंक लिए हैं। अक्षिमा ने बताया कि उनका उद्देश्य बड़े होकर गरीबों तथा जरूरतमंद लोगों की सेवा करना है। एक डॉक्टर बनकर अपना सपना पूरा करना चाहती हैं। उन्होंने अपनी कामयाबी का श्रेय माता-पिता, गुरुजनों और प्रधानाचार्य संजय चंदेल को दिया है। कहा कि वह दिन में करीब 10 से 12 घंटे पढ़ाई करती हैं। खाली समय में अपनी मां के साथ रसोई में हाथ बंटाती हैं। उन्हें गायन और नृत्य का भी शौक है। अक्षिमा के पिता जीव विज्ञान प्रवक्ता सुरेश कुमार ने बताया कि यह एक होनहार छात्रा है। अक्षिमा की मां नीलम कुमारी भी अध्यापिका हैं।
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दसवीं कक्षा की मैरिट सूची में दूसरे स्थान पर रही लकिता खिदटा का लक्ष्य आईएएस बनना है। अराधना पब्लिक स्कूल रोहड़ू से दसवीं करने के बाद लकिता मनेरवा पब्लिक स्कूल धुमारवी में शिक्षा प्राप्त कर रही है। लकिता ने अपनी उपलब्धि का श्रेय अपने दादा चेत राम खिदटा, दादी शंकर देवी, पिता राम प्रकाश खिदटा तथा माता संधीरा खिदटा को दिया है।
- फोटो : अमर उजाला
दसवीं कक्षा की मैरिट सूची में दूसरे स्थान पर रही लकिता खिदटा का लक्ष्य आईएएस बनना है। अराधना पब्लिक स्कूल रोहड़ू से दसवीं करने के बाद लकिता मनेरवा पब्लिक स्कूल धुमारवी में शिक्षा प्राप्त कर रही है। लकिता ने अपनी उपलब्धि का श्रेय अपने दादा चेत राम खिदटा, दादी शंकर देवी, पिता राम प्रकाश खिदटा तथा माता संधीरा खिदटा को दिया है।
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दूसरा स्थान हासिल करने वाली चंबा के होली हिमालयन पब्लिक स्कूल की छात्रा ईरा शर्मा आगे चलकर प्रशासनिक अधिकारी बनना चाहती हैं। ईरा ने इस उपलब्धि के लिए जी तोड़ मेहनत की है। ईरा की इस सफलता में उसके माता-पिता ने भी खूब उसका साथ दिया। ईरा का कहना है कि समाज सेवा और राष्ट्रसेवा का धर्म प्रशासनिक अधिकारी के रूप में बखूबी निभाया जा सकता है। ईरा के पिता संजय शर्मा सिंचाई एवं जनस्वास्थ्य विभाग में कनिष्ठ अभियंता के पद पर तैनात हैं। जबकि माता वंदना शर्मा गृहणी हैं। ईरा ने बताया कि उसके परिजन हमेशा आगे बढ़ने और पढ़ाई करने के लिए प्रेरित करते रहे हैं।
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दूसरा स्थान हासिल करने वाली चंबा के होली हिमालयन पब्लिक स्कूल की छात्रा ईरा शर्मा आगे चलकर प्रशासनिक अधिकारी बनना चाहती हैं। ईरा ने इस उपलब्धि के लिए जी तोड़ मेहनत की है। ईरा की इस सफलता में उसके माता-पिता ने भी खूब उसका साथ दिया। ईरा का कहना है कि समाज सेवा और राष्ट्रसेवा का धर्म प्रशासनिक अधिकारी के रूप में बखूबी निभाया जा सकता है। ईरा के पिता संजय शर्मा सिंचाई एवं जनस्वास्थ्य विभाग में कनिष्ठ अभियंता के पद पर तैनात हैं। जबकि माता वंदना शर्मा गृहणी हैं। ईरा ने बताया कि उसके परिजन हमेशा आगे बढ़ने और पढ़ाई करने के लिए प्रेरित करते रहे हैं।
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जवाली के कुठेड़ा में हेयर ड्रेसर का काम करने वाले सतपाल की बेटी ने दसवीं की मेरिट में तीसरा स्थान पाया है। सतपाल की बेटी विशाली लिटल फ्लावर पब्लिक स्कूल दुराना में पढ़ रही हैं। उन्होंने दसवीं में 700 में से 687 (98.14) अंक लेकर प्रदेश में तीसरा स्थान पाया है। विशाली के पिता कुठेड़ गांव में बारबर की दुकान चलाते हैं। माता सुनीता देवी गृहिणी हैं। पिता सतपाल ने बताया कि वह अपनी तीन बहनों में सबसे बड़ी है। विशाली ने अपनी इस सफलता का श्रेय प्रधानाचार्य राकेश कुमार सहित अध्यापकों और माता-पिता को दिया है।
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जवाली के कुठेड़ा में हेयर ड्रेसर का काम करने वाले सतपाल की बेटी ने दसवीं की मेरिट में तीसरा स्थान पाया है। सतपाल की बेटी विशाली लिटल फ्लावर पब्लिक स्कूल दुराना में पढ़ रही हैं। उन्होंने दसवीं में 700 में से 687 (98.14) अंक लेकर प्रदेश में तीसरा स्थान पाया है। विशाली के पिता कुठेड़ गांव में बारबर की दुकान चलाते हैं। माता सुनीता देवी गृहिणी हैं। पिता सतपाल ने बताया कि वह अपनी तीन बहनों में सबसे बड़ी है। विशाली ने अपनी इस सफलता का श्रेय प्रधानाचार्य राकेश कुमार सहित अध्यापकों और माता-पिता को दिया है।
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त्रिसंगम पब्लिक स्कूल रिवालसर की छात्रा रक्षिता वर्मा ने मेरिट में तीसरा स्थान हासिल किया है। रिवालसर की रक्षिता वर्मा ने 687 (98.14) फीसदी अंक हासिल किए है। रक्षिता स्पेस साइंटिस्ट बनाना चाहती है। रक्षिता स्पेस साइंसटिस्ट रही कल्पाना चावला को अपना आदर्श मानती हैं। रक्षिता के पिता सुभाष वर्मा ठेकेदार व माता पूनम वर्मा गृहणी हैं। इसने सफलता श्रेय माता पिता व अपने नाना पीएस वर्मा को दिया है। स्कूल के प्रधानाचार्य बीडी शर्मा ने छात्रा को उपलब्धि के लिए बधाई दी है।
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त्रिसंगम पब्लिक स्कूल रिवालसर की छात्रा रक्षिता वर्मा ने मेरिट में तीसरा स्थान हासिल किया है। रिवालसर की रक्षिता वर्मा ने 687 (98.14) फीसदी अंक हासिल किए है। रक्षिता स्पेस साइंटिस्ट बनाना चाहती है। रक्षिता स्पेस साइंसटिस्ट रही कल्पाना चावला को अपना आदर्श मानती हैं। रक्षिता के पिता सुभाष वर्मा ठेकेदार व माता पूनम वर्मा गृहणी हैं। इसने सफलता श्रेय माता पिता व अपने नाना पीएस वर्मा को दिया है। स्कूल के प्रधानाचार्य बीडी शर्मा ने छात्रा को उपलब्धि के लिए बधाई दी है।
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विजन कान्वेंट स्कूल घुमारवीं के छात्र आंचल शर्मा ने 687 अंक प्राप्त कर प्रदेश भर में तीसरा स्थान प्राप्त किया। आंचल शर्मा बड़ा होकर इंजीनियर बनना चाहता है। जिसके लिए अभी से कड़ी मेहनत कर रहा है। स्कूल के अतिरिक्त कई घंटें घर पर भी पढ़ाई कर रहा है। वर्तमान में आंचल जमा एक कक्षा में मिनर्वा स्कूल घुमारवीं में शिक्षा ग्रहण कर रहा है। आंचल शर्मा के पिता राजेश शर्मा वित्त विभाग शिमला में कार्यरत हैं तथा माता नीलम शर्मा गृहणी हैं। आंचल घुमारवीं उपमंडल के गांव परनाल से है।
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विजन कान्वेंट स्कूल घुमारवीं के छात्र आंचल शर्मा ने 687 अंक प्राप्त कर प्रदेश भर में तीसरा स्थान प्राप्त किया। आंचल शर्मा बड़ा होकर इंजीनियर बनना चाहता है। जिसके लिए अभी से कड़ी मेहनत कर रहा है। स्कूल के अतिरिक्त कई घंटें घर पर भी पढ़ाई कर रहा है। वर्तमान में आंचल जमा एक कक्षा में मिनर्वा स्कूल घुमारवीं में शिक्षा ग्रहण कर रहा है। आंचल शर्मा के पिता राजेश शर्मा वित्त विभाग शिमला में कार्यरत हैं तथा माता नीलम शर्मा गृहणी हैं। आंचल घुमारवीं उपमंडल के गांव परनाल से है।
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गुरुकुल पब्लिक स्कूल पक्का परोह के छात्र देवेश राणा ने दसवीं कक्षा की मेरिट में पांचवां स्थान हासिल किया है। देवेश ने 700 में 685 अंक प्राप्त किए। देवेश आईएएस या एस्ट्रोनॉयड बनना चाहता है। उपमंडल अंब के तहत रायपुर निवासी देवेश के पिता तरसेम लाल स्थानीय ग्राम पंचायत के उपप्रधान हैं तथा पेशे से प्राइवेट कांट्रेक्टर हैं। जबकि, माता साधारण गृहिणी हैं। देवेश की बड़ी बहन इंजीनियरिंग की छात्रा है। देवेश राणा ने अपनी सफलता का श्रेय अपने अध्यापकों, अभिभावकों तथा अपने सहपाठियों को दिया है।
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गुरुकुल पब्लिक स्कूल पक्का परोह के छात्र देवेश राणा ने दसवीं कक्षा की मेरिट में पांचवां स्थान हासिल किया है। देवेश ने 700 में 685 अंक प्राप्त किए। देवेश आईएएस या एस्ट्रोनॉयड बनना चाहता है। उपमंडल अंब के तहत रायपुर निवासी देवेश के पिता तरसेम लाल स्थानीय ग्राम पंचायत के उपप्रधान हैं तथा पेशे से प्राइवेट कांट्रेक्टर हैं। जबकि, माता साधारण गृहिणी हैं। देवेश की बड़ी बहन इंजीनियरिंग की छात्रा है। देवेश राणा ने अपनी सफलता का श्रेय अपने अध्यापकों, अभिभावकों तथा अपने सहपाठियों को दिया है।
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सरस्वती विद्या मंदिर चिंतपूर्णी की दसवीं कक्षा की छात्रा निकिता कालिया ने प्रदेश भर में आठवां स्थान झटका है। निकिता ने 700 में 682 अंक प्राप्त किए हैं। निकिता आईपीएस ऑफिसर बनकर देश की सेवा करना चाहती हैं। निकिता कालिया ने अपनी सफलता का श्रेय अपने माता-पिता और अपने स्कूल स्टाफ को दिया है। निकिता की सफलता से स्कूल प्रधानाचार्य राजीव ठाकुर ने निकिता का मिठाई खिलाकर मुंह मीठा किया।
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सरस्वती विद्या मंदिर चिंतपूर्णी की दसवीं कक्षा की छात्रा निकिता कालिया ने प्रदेश भर में आठवां स्थान झटका है। निकिता ने 700 में 682 अंक प्राप्त किए हैं। निकिता आईपीएस ऑफिसर बनकर देश की सेवा करना चाहती हैं। निकिता कालिया ने अपनी सफलता का श्रेय अपने माता-पिता और अपने स्कूल स्टाफ को दिया है। निकिता की सफलता से स्कूल प्रधानाचार्य राजीव ठाकुर ने निकिता का मिठाई खिलाकर मुंह मीठा किया।
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सातवां स्थान हासिल करने वाली मानसी अरोड़ा आईएएस अफसर बनना चाहती है। डीएवी स्कूल सराहां में शिक्षा ग्रहण करने वाली छात्रा मानसी अरोड़ा के पिता देवेश अरोड़ा सराहां में ही तहसील कल्याण अधिकारी के पद पर कार्यरत हैं। जबकि मां देवेश्वरी अरोड़ा गृहिणी है। मानसी ने बताया कि आईएएस अधिकारी बनकर जनता की सेवा करना चाहती है। कहा कि यदि बच्चों के मन में दृढ़ निश्चय हो तो वह उन्नति का कोई भी शिखर हासिल कर सकता है।
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सातवां स्थान हासिल करने वाली मानसी अरोड़ा आईएएस अफसर बनना चाहती है। डीएवी स्कूल सराहां में शिक्षा ग्रहण करने वाली छात्रा मानसी अरोड़ा के पिता देवेश अरोड़ा सराहां में ही तहसील कल्याण अधिकारी के पद पर कार्यरत हैं। जबकि मां देवेश्वरी अरोड़ा गृहिणी है। मानसी ने बताया कि आईएएस अधिकारी बनकर जनता की सेवा करना चाहती है। कहा कि यदि बच्चों के मन में दृढ़ निश्चय हो तो वह उन्नति का कोई भी शिखर हासिल कर सकता है।
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दयानंद भारतीय पब्लिक स्कूल जोगिंद्रनगर की स्माइल ठाकुर ने छठा स्थान हासिल किया है। स्माइल ने 684 (97.71) अंक प्राप्त किए। स्माइल डाक्टर बनकर लोगों की सेवा करना चाहती है। पिता सुभाष कुमार बंडेरी गलू स्कूल में टीजीटी नॉन मेडिकल अध्यापक हैं। माता सुमन देवी भी बालकरूपी स्कूल में अध्यापिका हैं। स्माइल ने अपनी सफलता का श्रेय प्रधानाचार्य ओम प्रकाश ठाकुर, पूर्व प्रधानाचार्य कर्नल शोभा सिंह, स्कूल प्रबंधन कमेटी, अध्यापकों, माता-पिता, छोटी बहन शाइन ठाकुर तथा सहपाठियों को दिया।
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दयानंद भारतीय पब्लिक स्कूल जोगिंद्रनगर की स्माइल ठाकुर ने छठा स्थान हासिल किया है। स्माइल ने 684 (97.71) अंक प्राप्त किए। स्माइल डाक्टर बनकर लोगों की सेवा करना चाहती है। पिता सुभाष कुमार बंडेरी गलू स्कूल में टीजीटी नॉन मेडिकल अध्यापक हैं। माता सुमन देवी भी बालकरूपी स्कूल में अध्यापिका हैं। स्माइल ने अपनी सफलता का श्रेय प्रधानाचार्य ओम प्रकाश ठाकुर, पूर्व प्रधानाचार्य कर्नल शोभा सिंह, स्कूल प्रबंधन कमेटी, अध्यापकों, माता-पिता, छोटी बहन शाइन ठाकुर तथा सहपाठियों को दिया।
दयानंद भारतीय पब्लिक स्कूल की छात्रा साक्षी कौंडल ने मेरिट में प्रदेश में सातवां स्थान हासिल किया है। साक्षी ने 683 (97.57) फीसदी अंक प्राप्त किए। साक्षी भविष्य में इंजीनियर बनने का सपना संजोए है। साक्षी के पिता विजय कुमार बीआरसी पधर हैं। माता ममता टांडा मेडिकल कॉलेज में सीनियर असिस्टेंट हैं। साक्षी ने अपनी सफलता का श्रेय प्रधानाचार्य ओम प्रकाश ठाकुर, पूर्व प्रधानाचार्य कर्नल शोभा सिंह, स्कूल प्रबंधन कमेटी, अध्यापकों, माता-पिता, भाई दिव्यांश कौंडल तथा सहपाठियों को दिया।
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दयानंद भारतीय पब्लिक स्कूल की छात्रा साक्षी कौंडल ने मेरिट में प्रदेश में सातवां स्थान हासिल किया है। साक्षी ने 683 (97.57) फीसदी अंक प्राप्त किए। साक्षी भविष्य में इंजीनियर बनने का सपना संजोए है। साक्षी के पिता विजय कुमार बीआरसी पधर हैं। माता ममता टांडा मेडिकल कॉलेज में सीनियर असिस्टेंट हैं। साक्षी ने अपनी सफलता का श्रेय प्रधानाचार्य ओम प्रकाश ठाकुर, पूर्व प्रधानाचार्य कर्नल शोभा सिंह, स्कूल प्रबंधन कमेटी, अध्यापकों, माता-पिता, भाई दिव्यांश कौंडल तथा सहपाठियों को दिया।