हिमाचल प्रदेश में शनिवार को धूप तो खिली, पर दुश्वारियां अभी बरकरार हैं। शुक्रवार को हुई भारी बारिश और बर्फबारी के चलते शनिवार को भी प्रदेश में दो नेशनल हाईवे शिमला-रामपुर और आनी जलोड़ी जोत के अलावा 603 सड़कें यातायात के लिए बंद रहीं। हालांकि शाम तक शिमला-रामपुर एनएच से बर्फ हटा दी थी, लेकिन वाहनों के लिए अभी बंद रखा है। राज्य भर में शाम आठ बजे तक 487 ट्रांसफार्मर बंद पड़े थे। इससे सिरमौर के 1000 और कुल्लू के भी 150 गांवों में ब्लैकआउट की स्थिति है।
शनिवार को भले ही प्रदेश भर में धूप खिली रही, लेकिन दुश्वारियां कम नहीं हुईं। सड़कें बहाल करने के लिए सरकार ने लोक निर्माण विभाग के कर्मचारियों की छुट्टियां रद्द कर दी हैं। विभाग ने 700 मशीनें जेसीबी, डोजर आदि सड़क बहाल करने के लिए लगाई हैं, वहीं 18 हजार कर्मचारियों को फील्ड में लगाया है। पहाड़ों में हुई भारी बर्फबारी के बाद सासे ने पूरे हिमालय क्षेत्र में हिमखंड गिरने की चेतावनी जारी की है।
विज्ञापन
2 of 14
शिमला में बर्फ से ढकी गाड़ियां।
- फोटो : अमर उजाला
विभाग ने 400 निजी ठेकेदारों से जेसीबी और डोजर हायर किए हैं। मौसम विभाग का पूर्वानुमान है कि मैदानों में रविवार से मौसम साफ होगा तो कुछ मध्य और उच्च पर्वतीय क्षेत्रों में बारिश-बर्फबारी के आसार हैं। शनिवार को मौसम साफ होते ही केलांग-मनाली मार्ग फोर-बाई-फोर वाहनों के लिए बहाल हो गया है।
विज्ञापन
3 of 14
शिमला में बर्फ से बस सेवाएं ठप।
- फोटो : अमर उजाला
शिमला में भारी बर्फबारी के बाद बाहरी क्षेत्रों से राजधानी का सड़क संपर्क कटने के बाद सैलानियों के लिए रेल बड़ा सहारा साबित हुई। शनिवार सुबह बड़ी संख्या में सैलानियों ने कालका-शिमला के बीच टॉय ट्रेन में आवाजाही की।
4 of 14
शिमला में सड़क बहाली का कार्य।
- फोटो : अमर उजाला
शनिवार को कालका से शिमला और शिमला से कालका के लिए रेल मोटरकार, शिवालिक डीलक्स एक्सप्रेस, हिमालयन क्वीन, कालका-शिमला-एक्सप्रेस, कालका-शिमला-पैसेंजर और हिमदर्शन विस्ताडोम एक्सप्रेस सवारियों से पैक रहीं।
विज्ञापन
5 of 14
बर्फ से लकदक कुल्लू की वादियां।
- फोटो : संवाद
वाहनों की आवाजाही ठप होने से शिमला शहर में सुबह दूध, ब्रेड व अन्य दैनिक जरूरत से संबंधित वस्तुओं की आपूर्ति नहीं हो पाई। दूध के ट्रक शोघी में ही फंसे रहे। बाहर से शिमला लौट रहे लोग 15 से 20 किलोमीटर पैदल चलकर शहर में पहुंचे।
विज्ञापन
6 of 14
शिमला में कार पर गिरा पेड़।
- फोटो : अमर उजाला
कई जगह अभी भी सड़कों पर पेड़ गिरे पड़े हैं। वन विभाग ने शनिवार को भी शहर में पेड़ ढहने की आशंका जताते हुए अलर्ट रहने को कहा है। बर्फबारी से शहर में 20 से ज्यादा पेड़ गिर चुके हैं।
विज्ञापन
7 of 14
भराड़ी में गिरा पेड़।
- फोटो : अमर उजाला
शनिवार सुबह भी कई जगह पेड़ गिरे। घरों, बिजली तारों और गाड़ियों पर गिरे इन पेड़ों से भारी नुकसान हुआ है। विकासनगर में कार पर पेड़ गिर गया। इससे कार पूरी तरह क्षतिग्रस्त हो गई। भराड़ी में भी सड़क पर देवदार का पेड़ गिर गया।
8 of 14
कार पर गिरा पेड़।
- फोटो : संवाद
इसी तरह भुंतर-मणिकर्ण के चोज नामक जगह पर शुक्रवार रात को एक विशालकाय पेड़ गिरने से एक कार क्षतिग्रस्त हो गई है। मार्ग रात 10 बजे से अवरूद्ध हुआ और दोनों तरफ स्थानीय लोगों के साथ कई पर्यटक वाहन फंसे रहे।
9 of 14
बर्फ के बीच बहाल की बिजली।
- फोटो : संवाद
प्रदेश के मंडी जिले के ऊंचाई वाले भागों में बर्फबारी से दुश्वारियां बढ़ गई हैं। लेकिन दुर्गम परिस्थितियों में बिजली बोर्ड के कर्मचारी सराज में विद्युत आपूर्ति को बहाल करने में जुटे हैं।
10 of 14
पेड़ गिरने से कार क्षतिग्रस्त।
- फोटो : संवाद
जिला शिमला प्रशासन ने सड़कों से बर्फ हटाने का काम शनिवार देर शाम सात बजे तक पूरा कर दिया। डीसी आदित्य नेगी ने इस दौरान राष्ट्रीय राजमार्ग पर पर्यटन स्थल कुफरी, फागू और नारकंडा क्षेत्र का दौरा कर सड़क बहाली के कार्य का जायजा लिया। डीसी आदित्य नेगी ने कहा कि शिमला-मंडी, शिमला-चंडीगढ़ और शिमला-रामपुर हाइवे से बर्फ को हटाकर वाहनों के लिए सुचारु कर दिया है।
11 of 14
बर्फबारी के बाद कुल्लू के ग्राामीण इलाके।
- फोटो : संवाद
शिमला-रोहड़ू सड़क पर खड़ापत्थर के पास से बर्फ को हटाकर यातायात के लिए खोल दिया है। उन्होंने सैलानियों और स्थानीय लोगों को बर्फ के बीच वाहन चलाते समय एहतियात बरतने के निर्देश दिए हैं। शनिवार को शिमला से नारकंडा के लिए बस को ट्रायल पर भेजा था। इस दौरान उन्होंने फिसलन वाले स्थानों पर पैक और बजरी डालने के निर्देश दिए हैं। भारी बर्फबारी के कारण अवरुद्ध मार्गों को भी बहाल करने का कार्य युद्ध स्तर पर चल रहा है।
12 of 14
बर्फबारी से ढकी घाटी।
- फोटो : संवाद
इस दौरान एसडीएम ग्रामीण बाबू राम शर्मा और एसडीएम कुमासैन गुनजीत चिम्मा भी मौजूद रहे। जिला कुल्लू और लाहौल में भारी बर्फबारी के बाद मौसम खुल गया है लेकिन दुश्वारियां बरकरार है। बीआरओ ने मनाली-केलांग मार्ग बहाली का काम शुरू किया है। वहीं जिले के 150 गांवों में तीसरे दिन भी अंधेरा छाया रहा।
13 of 14
बर्फबारी के बाद मनाली।
- फोटो : संवाद
जिले के 500 गांवों में बर्फबारी से जनजीवन बुरी तरह प्रभावित है। इनका संपर्क एक-दूसरे गांव के साथ उपमंडल व जिला मुख्यालय से भी कट गया है। निगम की आधा दर्जन बसें जगह-जगह फंसी हैं। हिमखंड गिरने का भी खतरा बढ़ गया है।