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Himachal Weather: बर्फबारी से बढ़ीं दुश्वारियां, 645 सड़कें और 1416 ट्रांसफार्मर ठप, तस्वीरों में देखें हालात

Mon, 05 Feb 2024 07:07 PM IST
Krishan Singh न्यूज डेस्क, अमर उजाला शिमला
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बर्फ से ढका शिमला का पर्यटन स्थल कुफरी। - फोटो : अमर उजाला
हिमाचल प्रदेश में पांच दिन बारिश-बर्फबारी के बाद दुश्वारियां बढ़ गई हैं। शिमला के कुफरी सहित राज्य के अन्य ऊंचाई वाले क्षेत्र बर्फ से लकदक हो गए हैं। वहीं, राजधानी शिमला समेत निचले क्षेत्रों में झमाझम बारिश हुई है। चोटियों पर बर्फ की मोटी परत चढ़ गई है। प्रदेश में सोमवार को चार नेशनल हाईवे व 645 सड़कें यातायात के लिए बंद रहीं। इसके अलावा राज्य में 1416 बिजली ट्रांसफार्मर ठप पड़ने से कई क्षेत्रों में बिजली गुल है। जिला चंबा में 319, किन्नौर में 30, कुल्लू में 145, मनाली में 296, निरमंड में 485, मंडी में 265, शिमला में 113, सिरमौर में 245 और ऊना में दो बिजली ट्रांसफार्मर ठप रहे।सबसे ज्यादा 242 सड़कें शिमला जिले में ठप हैं। वहीं, लाहौल-स्पीति में  157, मंडी  51 , कुल्लू 93, किन्नौर 24 और चंबा जिले में 61 सड़कें बाधित हैं। इसके अलावा राज्य में 52 जलापूर्ति स्कीमें भी प्रभावित चल रही हैं। जिला कुल्लू व लाहौल में छह दिनों से जनजीवन अस्त-व्यस्त चल रहा है। रविवार रात को भी कुल्लू व लाहौल घाटी में जमकर बर्फबारी हुई। सोमवार शाम तक सोलंगनाला से अटल टनल के साउथ पोर्टल तक सड़क केवल फोर बाई फोर आपातकालीन वाहनों के लिए एक तरफा खोली गई। 


सड़कें बहाल करने के लिए इंजीनियरों की फील्ड में तैनाती
 लोक निर्माण विभाग ने प्रदेश में बर्फबारी के चलते बंद पड़ी सड़कों को बहाल करने के लिए मंडल और उपमंडल स्तर के सहायक व अधिशाषी अभियंताओं को फील्ड में तैनात रहने के निर्देश दिए हैं। इंजीनियरों को 24 घंटे के भीतर नेशनल हाइवे, राज्य मार्ग को यातायात के लिए बहाल करने को कहा गया है। इसके बाद संपर्क सड़कें बहाल होंगी। विभाग की ओर से इंजीनियरों को सड़कें बहाल किए जाने की सूचना इंजीनियर-इन-चीफ कार्यालय में देने को कहा गया है। लोक निर्माण विभाग के इंजीनियर इन चीफ कार्यालय में प्रतिदिन सड़क को बहाल किए जाने की बैठकें हो रही हैं। सोमवार को भी इंजीनियरों की बैठक में सडकें बहाल किए जाने की रिपोर्ट ली गई। हालांकि विभाग का दावा है कि रविवार को डेढ़ सौ से ज्यादा सड़कों को यातायात के लिए बहाल किया गया लेकिन रात को बर्फबारी के चलते सड़कें फिर से यातायात के लिए बाधित हो गईं। लोक निर्माण विभाग के इंजीनियर इन चीफ अजय गुप्ता ने बताया कि प्रदेश में बर्फबारी के चलते बंद सड़कों को बहाल करने का कार्य युद्ध स्तर पर चला हुआ है। प्रतिदिन फील्ड अधिकारियों से रिपोर्ट ली जा रही है।
 
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लाहौल घाटी। - फोटो : संवाद
 तीन हाईवे के साथ जिला में 80 से अधिक सड़कों पर वाहनों की आवाजाही ठप पड़ गई है। वहीं, 200 बिजली के ट्रांसफार्मर भी प्रभावित होने से अंधेरा पसरा है। मनाली तक व मणिकर्ण तक निगम की बसें भी नहीं जा रही हैं। कुल्लू-मनाली पेर पतलीकूहल और मणिकर्ण जाने वाली बसें जरी से आगे नहीं भेजी जा रहीं। जानकारी के अनुसार रोहतांग दर्रा में चार फीट ताजा बर्फबारी दर्ज की गई। जबकि अटल टनल के साथ पोर्टल में 60, सोलंगनाला 45, मनाली 15, जलोड़ी दर्रा में 40 सेंमीमीटर ताजा बर्फबारी हुई है। हालांकि, लाहौल में बीआरओ ने मुख्य सड़कों से बर्फ टटाने का काम शुरू कर दिया है। किन्नौर जिले के ऊंचाई वाले क्षेत्रों में रुक-रूककर बर्फबारी जारी है। 
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कुफरी क्षेत्र - फोटो : अमर उजाला
मनाली में वन विहार के गेट के समीप बर्फबारी के कारण देवदार का एक पेड़ टूटकर सड़क पर गिर गया। इससे एक दुकान को नुकसान हुआ है। गनीमत यह रही कि हादसा मध्य रात्रि को पेश आया। घटना दिन में होती तो जानी नुकसान भी हो सकता था। बस स्टैंड से थाना की ओर जाने वाली सड़क अवरुद्ध हो गई। पेड़ को काटने का कार्य जारी है। बताया जा रहा है कि पेड़ सुबह सुबह 3:00 बजे गिरा। इससे विद्युत विभाग को नुकसान हुआ है।

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शिमला-कुफरी मार्ग। - फोटो : अमर उजाला
जानें आने वाले दिनों में कैसा रहेगा मौसम
आज भी राजधानी शिमला व अन्य क्षेत्रों में मौसम खराब बना हुआ है। हालांकि, बीच-बीच में धूप भी खिल रही है। मौसम विज्ञान केंद्र शिमला की ओर से आज भी प्रदेश के कई भागों में बारिश-बर्फबारी की संभावना जताई गई है। 6 से 11 फरवरी तक राज्य में मौसम साफ रहने का पूर्वानुमान है। विभाग के अनुसार पिछले 24 घंटों के दौरान अधिकतम तापमान में उल्लेखनीय गिरावट आई है। औसत अधिकतम तापमान सामान्य से नीचे दर्ज किया गया।  मौसम खुलने से किसान-बागवान भी खेतों और बगीचों में काम कर सकेंगे। चोटियों पर कई फुट बर्फबारी से ग्लेशियरों को भी संजीवनी मिल गई है। जनजातीय जिला किन्नौर के निगुलसरी में रविवार को पहाड़ी से भूस्खलन होने से यातायात व्यवस्था ठप पड़ गई है। 
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बर्फ के चलते सड़क किनारे खड़ीं बसें। - फोटो : अमर उजाला
कहां कितनी बर्फबारी(सेंटीमीटर में)
खदराला  30.0
मनाली 23.6
नारकंडा 20.0
गोंदला  16.5
केलांग  15.2
शिलारू  15.0
कुफरी 10.0
सांगला 8.2
कुकुमसेरी 7.1
कल्पा 7.1
शिमला 2.0
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शिमला-कुफरी मार्ग। - फोटो : अमर उजाला
शिमला का न्यूनतम तापमान फिर माइनस में दर्ज
शिमला का न्यूनतम तापमान -0.1 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया है। सुंदरनगर 5.8, भुंतर 3.9, कल्पा-2.4, धर्मशाला 4.2, ऊना 6.0, नाहन 5.0, पालमपुर 3.4, सोलन 3.6, मनाली -0.9, कांगड़ा 5.9, मंडी 5.5, बिलासपुर 8.8, हमीरपुर 7.1, चंबा 5.7, जुब्बड़हट्टी 3.8, कुफरी 0.0, कुकुमसेरी -6.8, नारकंडा -3.6, भरमौर 0.2, रिकांगपिओ 1.0, सेऊबाग 2.8, धौलाकुआं 10.0, बरठीं 7.4, समदो -2.8, पांवटा साहिब 7.0, सराहन 0.0 और देहरा गोपीपुर में 6.0 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया है। 
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बर्फबारी। - फोटो : संवाद
 नारकंडा में भारी बर्फबारी के चलते शिमला-रामपुर एनएच भी सोमवार को बंद रहा। खड़ापत्थर में बर्फबारी से रोहड़ू और खिड़की में बर्फबारी से चौपाल के लिए भी आवाजाही ठप है। बसों को शिमला से बसंतपुर होकर रामपुर भेजा जा रहा है। बर्फबारी और बारिश के बाद जनजातीय जिला किन्नौर में जनजीवन अस्त-व्यस्त चल रहा है। जिले की अधिकांश ग्रामीण सड़कें बर्फबारी से ठप पड़ी हैं, वहीं देश की सीमा को जोड़ने वाला नेशनल-हाईवे पांच भी यातायात के लिए रोजाना बाधित हो रहा है।
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अटल टनल रोहतांग। - फोटो : संवाद
अधिकतम तापमान
 सोमवार को कांगड़ा में अधिकतम तापमान 17.5, बिलासपुर में 18.2, हमीरपुर-नाहन में 15.8, चंबा में 13.9, धर्मशाला में 13.5, मंडी में 15.6, सोलन में 12.0, शिमला में 7.6 और मनाली में 3.8 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड हुआ। 
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