हिमाचल प्रदेश में कोरोना की दूसरी लहर में बंद पड़े सभी शक्तिपीठ बज्रेश्वरी, ज्वालामुखी, मां चामुंडा और नयनादेवी मंदिर के कपाट सहित अन्य धार्मिक स्थल करीब तीन माह बाद वीरवार को पहली जुलाई से श्रद्धालुओं के लिए खुल जाएंगे। श्रद्धालुओं को कोरोना को लेकर जारी एसओपी का पालन करना होगा। नयनादेवी को छोड़कर सभी शक्तिपीठों में श्रद्धालुओं को सूखा प्रसाद चढ़ाने की छूट रहेगी।
धार्मिक स्थलों में हवन, यज्ञ, कन्या पूजन, कीर्तन, लंगर लगाने पर प्रतिबंध रहेगा। इसके अलावा श्रद्धालुओं को मंदिरों में बैठने, ज्यादा देर खड़े रहने की मनाही होगी। पुजारी न प्रसाद बांटेंगे और न किसी को मौली बांधेंगे। सरकार के इस फैसले से जहां श्रद्धालु अब तसल्ली से मंदिरों में देवी-देवताओं के दर्शन कर सकेंगे। भाषा एवं संस्कृति विभाग की ओर से 22 जून को जारी आदेशों के तहत ही व्यवस्था होगी। हालांकि इन आदेशों को संबंधित डीसी स्थानीय स्थिति व जरूरत के हिसाब से संशोधित कर सकेंगे।