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पर्यटन: कोरोना काल में होटल के बजाय होमस्टे में ठहरे हिमाचल आए 70 फीसदी सैलानी

Mon, 05 Jul 2021 01:24 PM IST
अरविन्द ठाकुर विश्वास भारद्वाज, अमर उजाला नेटवर्क, शिमला
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सम्पदा होम स्टे - फोटो : अमर उजाला
कोरोना काल में बंदिशें खत्म होने के बाद हिमाचल आ रहे सैलानी शहरों के बड़े होटलों के स्थान पर बाहरी इलाकों के होमस्टे में ठहरने को तवज्जो दे रहे हैं। बीते तीन वीकेंड के दौरान हिमाचल के विभिन्न पर्यटन स्थलों पर पहुंचे सैलानियों में से 70 फीसदी ने ठहरने के लिए होमस्टे को चुना। कोरोना के खतरे के बीच सैलानी होटलों की अपेक्षा होमस्टे में ठहरना अधिक सुरक्षित मान रहे हैं। ठियोग के हाई लेंडर होमस्टे के संचालक सोहन ठाकुर का कहना है कि 20 कमरे के एक होटल में करीब 50 लोग ठहरते हैं और 10 लोगों का स्टाफ होता है, जबकि तीन या चार कमरे के होमस्टे में 10 से 12 लोग ठहरते हैं और संचालन परिवार करता है। ऐसे में सैलानी होटलों के मुकाबले होमस्टे में अधिक सुरक्षित महसूस करते हैं। श्याम टूर एंड एडवेंचर नारकंडा के संचालक विक्रांत श्याम का कहना है कि होटलों के मुकाबले होमस्टे में साफ-सफाई अधिक रहती है, लोकल कल्चर के अलावा गेस्ट को परिवार का माहौल मिलता है।
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- फोटो : अमर उजाला
इन दिनों थानेधार, कोटगढ़ और कुमारसेन के अधिकतर होमस्टे फुल चल रहे हैं। पर्यटन विकास निगम के होटलों में भी शहरी क्षेत्रों के मुकाबले सैलानी ग्रामीण क्षेत्रों के होटलों में ठहरने को तवज्जो दे रहे हैं।
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- फोटो : अमर उजाला
ट्रैवल एजेंट्स एसोसिएशन के महासचिव मनु सूद ने कहा कि वीकेंड पर शिमला पहुंचे सैलानियों में से करीब 70 फीसदी सैलानी होमस्टे में ठहर रहे हैं। नेचर के करीब एक्सपीरियंस लेने के लिए सैलानी होमस्टे में ठहरना पसंद कर रहे हैं।

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- फोटो : अमर उजाला
फेडरेशन ऑफ हिमाचल होटल एंड रेस्टोरेंट के अध्यक्ष अश्वनी बांबा का कहना है कि पिछले दो वीकेंड के दौरान हिमाचल आए सैलानियों में 50 फीसदी से अधिक सैलानी होमस्टे में ठहरे हैं। सरकार को होटलों और होमस्टे संचालकों के लिए एक तरह के नियम लागू करने चाहिए।
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- फोटो : अमर उजाला
बीते दिनों शिमला पहुंचे महेंद्र सिंह धोनी ने भी परिवार के साथ लग्जरी होटलों में ठहरने के स्थान पर होमस्टे में ठहरने को तवज्जो दी। शिमला के मैहली और कनलोग के बाद धोनी कोटखाई के एक होमस्टे में परिवार के साथ ठहरे।
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