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तस्वीरें: 15 सालों से पानी की टूटी टंकी में रह रहा परिवार, न बिजली-पानी और न शौचालय

Mon, 01 Mar 2021 10:30 AM IST
अरविन्द ठाकुर हरिकृष्ण शर्मा, अमर उजाला नेटवर्क, आनी (कुल्लू)
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टंकी में गुजर-बसर कर रहा गरीब परिवार। - फोटो : अमर उजाला
छह फीट चौड़ी और आठ फीट लंबी पानी की टूटी हुई टंकी में एक गरीब परिवार डेढ़ दशक से गुजर-बसर कर रहा है। यह परिवार तमाम सरकारों को आईना दिखा रहा है, जो गरीबों के लिए कई योजनाएं चलाने का दम भरती हैं। यह परिवार है जिला कुल्लू की आनी खंड की कुठेड़ पंचायत के राईं रेड गांव के जियालाल का। गरीबी का बोझ उठाए 15 वर्ष पूर्व जब जियालाल अपने परिवार से अलग हुए तो जमीन के छोटे से टुकड़े के अलावा कुछ भी नहीं था। सिर ढकने के लिए छत चाहिए थी इसीलिए जियालाल ने खेत में खंडहर हो चुकी भू संरक्षण विभाग की पानी की टंकी को आशियाना बना लिया। टंकी पर गांव वालों ने अस्थायी छत डाल दी, जिसके बाद जियालाल पत्नी रीता देवी के साथ वहां रहने लगे।
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- फोटो : अमर उजाला
इसी टंकी के भीतर दो बच्चों का जन्म हुआ। बेटी पम्मी अब 13 साल और बेटा अमन 12 साल का हो चुका है। दोनों गांव के पास एक सरकारी स्कूल में पढ़ते हैं। जियालाल ने टंकी को भले ही आशियाने में ढाल दिया है लेकिन इसके अंदर न बिजली है और न पानी। परिवार के पास शौचालय की सुविधा भी नहीं है। शाम ढलने से पहले दोनों बच्चों को होमवर्क पूरा करना होता है क्योंकि अंधेरे में वे पढ़ाई नहीं कर सकते। ग्रामीणों का कहना है कि ऐसा नहीं है कि नेता या जनप्रतिनिधि इस परिवार की हालत के बारे में नहीं जानते। आश्वासन और वायदे देने के बाद इन्हें कोई नहीं पूछता।
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- फोटो : अमर उजाला
जानकारी के अभाव में घर बनाने की राशि लैप्स- 40 वर्षीय जियालाल का कहना है कि अब इस टंकी में उनका जी घबराता है। बरसात में पानी भर जाता है। उन्होंने सरकार से मदद मांगी है। परिवार का कहना है कि कल्याण विभाग से उन्हें घर बनाने के लिए पैसा आया था, लेकिन जानकारी के अभाव के चलते राशि नहीं ले पाए। जियालाल को अभी तक बीपीएल (गरीबी रेखा से नीचे) की सूची में भी नहीं डाला गया है। 

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- फोटो : अमर उजाला
स्थानीय वार्ड सदस्य सुरेश कुमार, पूर्व सदस्य जोगिंद्र सिंह ने भी सरकार से जियालाल के परिवार की मदद करने की मांग उठाई है। बीडीसी सदस्य डॉ. नवनीत का कहना है कि इस परिवार को जब उन्होंने इस अवस्था में देखा तो वह हैरान हो गए। उन्होंने कहा कि वह इस परिवार की हर संभव मदद करेंगे।
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- फोटो : अमर उजाला
मेरे ध्यान में यह मामला नहीं था। अप्रैल में होने वाली ग्रामसभा में इस परिवार को बीपीएल सूची में शामिल किया जाएगा। मैं खुद मौके का मुआयना कर परिवार की हर संभव मदद करूंगा। - जीसी पाठक, खंड विकास अधिकारी, आनी 
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