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बंदरों के आतंक से मिलेगी निजात, सरकार ने उठाया ये कदम

Sat, 06 Oct 2018 10:32 AM IST
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, शिमला
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राजधानी के लोगों को उत्पाती बंदरों से जल्द राहत मिल सकती है। बंदरों की बढ़ती समस्या पर आखिरकार सरकार भी हरकत में आ गई है। सरकार शिमला और आसपास के क्षेत्रों में एक बंदर अभ्यारण्य स्थापित करने की योजना बना रही है। वनमंत्री गोविंद सिंह ठाकुर ने कहा कि जंगलों से पकड़े जाने वाले बंदरों की नसबंदी के बाद उन्हें इस अभ्यारण्य में पुनर्वासित किया जाएगा। यदि सरकार इस योजना को सिरे चढ़ाने में कामयाब रहती है तो शहर की जनता को बंदरों के आतंक से निजात मिल जाएगी।
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अभ्यारण्य स्थापित होने से उन इलाकों के बंदर इसमें शिफ्ट किए जा सकेंगे जहां इनकी तादाद काफी ज्यादा हो गई है। वर्तमान में शहर के भीतर वन विभाग बंदरों को पकड़ तो रहा है लेकिन नसबंदी के बाद उन्हें वापस उसी जगह छोड़ा जाता है जहां से इन्हें पकड़ा है। इससे बंदरों की नसबंदी तो हो रही है लेकिन इनकी संख्या में में कमी नहीं आ रही।
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monkey in shimla
अपने फेसबुक पेज पर वन, परिवहन, युवा सेवाएं एवं खेल मंत्री गोविंद सिंह ठाकुर ने कहा कि शिमला शहर में उत्पात मचा रहे बंदरों से जल्द लोगों को छुटकारा मिलेगा। प्रदेश सरकार किसानों, बागवानों और आम जनता के हितों की सुरक्षा के प्रति न केवल गंभीर है बल्कि इस दिशा में कार्य भी कर रही है।
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कहा कि नई सरकार बनने के बाद राज्य वन्य प्राणी विभाग ने शिमला शहर सहित अन्य सभी स्थानों में जंगली जानवरों और बंदरों के उत्पातों से निजात पाने के लिए कार्य योजना तैयार की है। शहर के 34 वार्डों में बंदरों के व्यवहार का अवलोकन कर इनका सर्वे किया है। शहर में बंदरों की संख्या करीब 1700 है। सर्वे में पाया कि बंदर 90 फीसदी खाना कूड़ेदानों से हासिल करते हैं। मंत्री ने लोगों से अपील कि वे खाना कूड़ेदान में न डालें।
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