फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

himachal election result: 24 में से सिर्फ एक महिला जीतकर पहुंची विस, तीन निर्दलीय भी सदन में बैठेंगे

Thu, 08 Dec 2022 08:20 PM IST
Krishan Singh अमर उजाला ब्यूरो, शिमला
विज्ञापन
1 of 6
रीना कश्यप - फोटो : अमर उजाला
हिमाचल प्रदेश में इस विधानसभा चुनाव में 412 प्रत्याशी मैदान में थे। इसमें से 24 महिला प्रत्याशी थीं। प्रदेश में इस बार सिर्फ एक महिला पच्छाद से भाजपा की रीना कश्यप चुनकर विधानसभा पहुंची हैं। वहीं,  प्रदेश में तीन निर्दलीयों ने भी जीत का परचम लहराया है। भाजपा और कांग्रेस ने आठ महिला प्रत्याशियों चुनाव मैदान में उतारा था। इसमें भाजपा ने छह और कांग्रेस पार्टी की दो महिला प्रत्याशी शामिल हैं। पच्छाद विधानसभा क्षेत्र से भाजपा प्रत्याशी रीना कश्यप ने जीत हासिल की है। उन्होंने अपने प्रतिद्वंद्वी कांग्रेस प्रत्याशी दयाल प्यारी को 3857 वोटों से पराजित किया है।  उल्लेखनीय है कि कांग्रेस पार्टी ने डलहौजी से आशा कुमारी, पच्छाद विधानसभा क्षेत्र से दयाल प्यारी को टिकट दिया था। जबकि भाजपा ने पच्छाद से रीना कश्यप, भोरंज से रीता धीमान, रोहडू से शशि बाला, बड़सर से माया शर्मा, शाहपुर से सरवीण चौधरी और चंबा से नीलम नैयर को प्रत्याशी बनाया था।  
विज्ञापन

2 of 6
दयाल प्यारी, गंगूराम मुसाफिर, रीना कश्यप। - फोटो : संवाद
दूसरी बार चुनावी मैदान में रीना कश्यप
 2019 में पच्छाद में हुए उपचुनाव में रीना कश्यप को भाजपा ने पहली बार पार्टी का टिकट दिया और वह जीत दर्ज कर विधानसभा में पहुंचीं। उस समय विधायक सुरेश कश्यप लोकसभा का चुनाव जीतकर संसद में पहुंचे थे। इसके चलते यहां उपचुनाव हुए थे। 2022 के इस चुनाव में भी भाजपा ने रीना को भी पार्टी प्रत्याशी बनाया और जीत दर्ज की।
विज्ञापन

3 of 6
हिमाचल निर्माता डॉ. वाईएस परमार - फोटो : अमर उजाला
पच्छाद विस सीट इस वजह से दिलचस्प
पच्छाद विधानसभा सीट हिमाचल निर्माता डॉ. वाईएस परमार का गृह क्षेत्र रही है। 1952 में डॉ. परमार यहां से पहली बार विधायक बने थे। वहीं भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष सुरेश कश्यप भी इसी विधानसभा क्षेत्र से आते हैं। वह भी यहां से दो मर्तबा विधानसभा का चुनाव जीत चुके हैं। इसके अलावा इस विधानसभा क्षेत्र से लगातार 7 बार मुसाफिर विधायक रहे चुके हैं, लेकिन 2007 के चुनाव के बाद से उन्हें लगातार हार का मुंह देखना पड़। इस बार वह निर्दलीय चुनाव लड़े थे। 
 

4 of 6
डॉ. पुष्पेंद्र वर्मा, नरेंद्र ठाकुर, आशीष शर्मा। - फोटो : संवाद
हमीरपुर सदर सीट
हमीरपुर सदर से पिछले 11 चुनावों की बात करें तो यहां नौ बार भारतीय जनता पार्टी ने चुनाव जीता, जबकि महज दो बार ही कांग्रेस को इस सीट पर सफलता मिल पाई है। लेकिन इस बार इस सीट पर निर्दलीय आशीष शर्मा ने जीत हासिल की है। निर्दलीय आशीष शर्मा ने कांग्रेस के नरेंद्र ठाकुर को 12, 899 मतों से हराकर जीत दर्ज की है। 
विज्ञापन

5 of 6
रमेश धवाला, डॉ. राजेश शर्मा। - फोटो : संवाद
देहरा सीट
15 सालों के चुनावी इतिहास में कांग्रेस पार्टी अब तक यहां जीत का खाता नहीं खोल पाई है। 2012 में भाजपा प्रत्याशी रविंद्र रवि ने यहां जीत दर्ज की। वहीं 2017 में यहां निर्दलीय प्रत्याशी होशियार सिंह ने रविंद्र रवि को हराया। अब इस बार भी निर्दलीय होशियार सिंह ने कांग्रेस से डॉ. राजेश शर्मा को 33877 वोटों के अंतर से हराकर जीत हासिल की। 
विज्ञापन
विज्ञापन

6 of 6
केएल ठाकुर - फोटो : संवाद
नालागढ़ 
नालागढ़ विधानसभा क्षेत्र में निर्दलीय प्रत्याशी केएल ठाकुर ने जीत दर्ज की है। इस सीट पर निर्दलीय प्रत्याशी ने कांग्रेस और भाजपा के समीकरण बिगाड़ दिए हैं। 2017 में कांग्रेस से लखविंद्र सिंह राणा विधायक बने थे। लेकिन चुनाव से दो माह पूर्व लखविंद्र सिंह राणा कांग्रेस छोड़ कर भाजपा में शामिल हो गए। इससे पहले वर्ष 2012 में भाजपा के प्रत्याशी केएल ठाकुर यहां से विधायक चुने गए थे। लेकिन इस वर्ष उन्हें टिकट नहीं मिला और वह बागी हो गए। वर्ष 2003 और 2007 में भाजपा के हरिनारायण सैणी चुनाव जीते थे। वर्ष 2011 में इनके निधन के बाद यहां पर उपचुनाव हुए जिसमें कांग्रेस के विधायक लखविंद्र सिंह राणा ने हरिनारायण सिंह सैणी की पत्नी गुरनाम सिंह को पराजित कर कांग्रेस को जीत दिलाई थी। इस बार  निर्दलीय प्रत्याशी केएल ठाकुर ने कांग्रेस के हरदीप सिंह बावा को 13264 मतों से हराकर विजयी हुई हैं। 
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें