मतदान करते श्याम सरण नेगी।
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उन्होंने कहा कि पहले हम अंग्रेजों के गुलाम थे और अंग्रेज बहुत तंग किया करता थे। अब हम गुलामी से मुक्त हैं, यह बड़ी खुशी की बात है, इसलिए हम सबको मिलकर वोट डालना चाहिए। सरकार ने वरिष्ठ नागरिकों और दिव्यांगों को अपने घरों में ही वोट देने की सुविधा उपलब्ध करवाकर बढ़िया काम किया है। आज मेरे लिए खुशी की बात है कि जिला किन्नौर प्रशासन मेरे वोट डालने के लिए मेरे घर आया है। मेरी आंखों से दिखने कम हो गया है, कान से सुनाई नहीं देता है और पैरों में ताकत नहीं रही, इसलिए मैं चल फिर नहीं सकता हूं।