चालदा महासू महाराज के दरबार में पहुंचे मंत्री हर्षवर्धन।
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दो वर्ष पूर्व आलोचना झेलने वाले पशमी में हो रहा महासू महाराज का आगमन
शिलाई उपमंडल का पशमी गांव प्रशासनिक रूप से भले ही शिलाई खत के अंतर्गत आता हो, लेकिन सामाजिक-परंपरागत संरचना में इसकी स्थिति हमेशा विशिष्ट रही है। शिलाई खत के 52 गांव जहां परंपरागत रूप से मुखिया, जेलदार और नंबरदार की व्यवस्था को स्वीकार करते रहे हैं, वहीं पशमी गांव ने ऐतिहासिक रूप से इस व्यवस्था को पूरी तरह मान्यता नहीं दी। करीब दो वर्ष पूर्व पशमी गांव के लोगों ने अपने गांव की चालदा महासू महाराज की पालकी के साथ शिलाई खत के 52 गांवों की परिक्रमा की। यह परिक्रमा धार्मिक आस्था का प्रतीक थी, लेकिन खत स्तर पर इसे परंपरागत मर्यादाओं के उल्लंघन के रूप में देखा गया। परिणाम स्वरूप पूरे खत में इसका विरोध हुआ और पशमी गांव को सामाजिक-राजनीतिक आलोचना का सामना करना पड़ा।