हिमाचल प्रदेश कैबिनेट की बैठक सोमवार को मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर की अध्यक्षता में शिमला में आयोजित की गई। बैठक में कई बड़े फैसले लिए गए हैं। बैठक में प्रदेश के विभिन्न विभागों में 277 पदों को भरने की भी मंजूरी दी। कैबिनेट ने हिमाचल प्रदेश ड्रोन पॉलिसी 2022 को स्वीकृति प्रदान की। इस पॉलिसी के तहत प्रदेश में ड्रोन पायलट तैयार किए जाएंगे। एक ड्रोन पार्क बनेगा, जिसके लिए जगह तलाशी जाएगी। ड्रोन छह विभागों शिक्षा, कृषि, बागवानी, वन, उद्योग और गृह का काम आसान करेंगे। शिक्षा विभाग विभिन्न प्रशिक्षण कोर्स करवाएगा। कृषि-बागवानी विभागों से करार कर किसानों-बागवानों को ड्रोन की नई तकनीकी से जोड़ा जाएगा। खेतों-बगीचों में कीटनाशकों या फफूंदनाशकों का छिड़काव भी ड्रोन से होगा। जंगल की आग बुझाने, ग्रामीण क्षेत्रों में दवाएं पहुंचाने का काम भी ड्रोन करेगा। शादी-विवाह में अवैध तरीके से चलाए जा रहे ड्रोन को वैध तरीके से चलाले के लाइसेंस बनेंगे।
इस पॉलिसी में ड्रोन के उपयोग से शासन व सुधार (गरुड़) के आधार पर निर्मित एक समग्र ड्रोन ईको सिस्टम की परिकल्पना की गई है। नीति का मुख्य उद्देश्य राष्ट्रीय शिक्षा नीति-2020, हिमाचल प्रदेश औद्योगिक निवेश नीति, हिमाचल प्रदेश र्स्टाटअप/नवाचार योजना, राष्ट्रीय कौशल योग्यता फ्रेमवर्क जैसे संस्थागत संयोजन के माध्यम से डिजिटल स्काई अवसरों का उपयोग करना है, ताकि विद्यार्थियों को भविष्य के लिए तैयार कर ड्रोन क्षेत्र में उपलब्ध रोजगार के अवसरों तक उनकी पहुंच सुनिश्चित की जा सके। नीति का उद्देश्य ड्रोन और सक्षम प्रौद्योगिकी के उपयोग से राज्य में रोजगार के अवसर सृजित करना और प्रदेश की आर्थिक समृद्धि को बढ़ावा देना है।
लॉजिस्टिक्स पॉलिसी को मंजूरी
प्रदेश में ट्रेन, ट्रक और दूसरी मालवाहक गाड़ियां एक ही जगह से चलेंगी। इसके लिए जहां जमीन मिलेगी, वहां मल्टी मॉडल पार्क बनेंगे। इससे हिमाचल प्रदेश में उद्योगों में तैयार माल को बाहरी राज्यों में भेजना आसान होगा। इस प्रक्रिया को सरल करने के लिए प्रदेश सरकार ने कैबिनेट की बैठक में लॉजिस्टिक्स पॉलिसी 2022 को मंजूरी दी है। औद्योगिक नीति के तहत मिलने वाले सभी प्रोत्साहन राशि का भी इस पॉलिसी से आसानी से मिल सकेंगे। इस पॉलिसी के तहत केंद्र प्रदेश सरकार को बजट उपलब्ध कराएगी।लॉजिस्टिक्स एक ऐसी प्रक्रिया है जिसके तहत माल, सेवाओं या सूचनाओं को योजनाबद्ध तरीके से उनकी उत्पत्ति वाले स्थान से लेकर जहां पर उनका इस्तेमाल होना है, वहां पर भेजा जाता है। फैक्टरी में कोई सामान या माल बनता है तो उसे बनाने के बाद ग्राहक तक पहुंचाने के लिए कई चरणों से गुजरना पड़ता है।
एक छत के नीचे सभी सुविधाएं
प्रदेश सरकार ने उद्योग विभाग में अलग अलग एक्ट को एक ही एक्ट में मर्ज करने का फैसला लिया है। इसमें औद्योगिक संबंधित एक्ट, लेबर एक्ट आदि शामिल हैं। एक ही छत के नीचे उद्योगपतियों और कामगारों को यह सुविधा मिल सकेगी।