फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

राज्यपाल के तीखे बोल, काम करना भी जानता हूं, करवाना भी

विज्ञापन
1 of 10
राज्यपाल आचार्य देवव्रत ने हिमाचल के अफसरों की जमकर क्लास ली। वह राजभवन में दवा नियंत्रक और बागवानी निदेशक पर तल्ख हुए। वे नशीली दवाओं के धंधे को रोकने और कीटनाशकों के अवैज्ञानिक इस्तेमाल पर दोनों अधिकारियों के जवाब से असंतुष्ट थे। कहा कि मैं काम करना भी जानता हूं और करवाना भी।
विज्ञापन

राज्यपाल के तीखे बोल, काम करना भी जानता हूं, करवाना भी

2 of 10
राज्यपाल ने कहा कि किंतु, परंतु, लेकिन से समाधान नहीं निकलता। युवाओं में नशीली दवाओं की बढ़ती प्रवृत्ति को रोकने पर ड्रग कंट्रोलर के जवाब से असंतोष जताया और कहा कि आपका मामला कुछ ढीला चल रहा है। पिछले कुछ दिन में कितने लोग पकड़े हैं? इस पर दवा नियंत्रक नवनीत मरवाह बोले - नूरपुर के पास पकड़े हैं।
विज्ञापन

राज्यपाल के तीखे बोल, काम करना भी जानता हूं, करवाना भी

3 of 10
राज्यपाल बोले - श्रीमान जी! गंभीरता से कहें। सचेत होने की आवश्यकता है। मैं मुख्यमंत्री से निवेदन करूंगा कि कर्मचारी बढ़ाएं। मुझे आप हर महीने रिपोर्ट दें। केंद्रीय कीटनाशक बोर्ड की संस्तुति के बगैर सेब पर अंधाधुंध कीटनाशकों का इस्तेमाल नहीं रोक पाने पर किए सवाल पर बागवानी निदेशक डा. डीपी भंगालिया अपनी सीट पर खड़े हुए तो राज्यपाल ने उन्हें कहा कि ये अनर्गल बात है। जब जैविक खेती का मॉडल लोगों को दे दिया जाएगा तो वे घरेलू गायों को भी अपनाएंगे और वे बीजामृत या जीवामृत जैसी विधियों से खेतों में अन्न भी उगाएंगे।

राज्यपाल के तीखे बोल, काम करना भी जानता हूं, करवाना भी

4 of 10
राज्यपाल ने बागवानी निदेशक से सवाल किया - आपकी और विश्वविद्यालय की इस विषय पर कितनी बैठकें हो चुकी हैं? निदेशक बोले - हम करते हैं। राज्यपाल ने फिर जोर देकर पूछा - कितनी की हैं? निदेशक ने इस पर संतोषजनक जवाब नहीं दिया तो राज्यपाल बोले - कुछ नहीं हुई। मैं काम करना भी जानता हूं और करवाना भी जानता हूं।
विज्ञापन

राज्यपाल के तीखे बोल, काम करना भी जानता हूं, करवाना भी

5 of 10
आचार्य देवव्रत ने कहा कि जो प्रश्न पूछा गया था ये उसका उत्तर नहीं है। हाल ही में नौणी विवि में हुए सम्मेलन में निदेशक के केवल एक ही दिन उपस्थित रहने पर भी राज्यपाल बोले कि जैविक खेती के फार्मूले को वही जानेंगे जो इस सम्मेलन में चार दिन रहे हैं। कहा कि कृषि विभाग और कृषि विज्ञान केंद्रों में तालमेल ही नहीं है।
विज्ञापन

राज्यपाल के तीखे बोल, काम करना भी जानता हूं, करवाना भी

6 of 10
पीसीसीएफ से पूछा, कहां हो रहा पौधरोपण
राज्यपाल ने पीसीसीएफ वन एसपी वासुदेवा से पूछा कि प्रदेश में कहां पौधारोपण हो रहा है? अगर हो रहा है तो इससे अब तक तो शिमला शहर में जंगल खड़े होने चाहिए थे। इस पर पीसीसीएफ वन भी सफाई देते रहे और बोले कि भारतीय वन सर्वेक्षण की रिपोर्ट देखेंगे तो इसमें हिमाचल में पौधरोपण की अच्छी स्थिति होने की पुष्टि होती है। इस साल 18 हजार हेक्टेयर में पौधरोपण होना है। राज्यपाल बोले - आंकड़े सब जगह पर बनते हैं। इसे ईमानदारी से करें।
विज्ञापन

राज्यपाल के तीखे बोल, काम करना भी जानता हूं, करवाना भी

7 of 10
राज्यपाल बोले, हाईब्रिड बीज कंपनियों की बड़ी चाल
जैविक खेती पर बात करते हुए राज्यपाल ने कहा कि हाईब्रिड बीज कंपनियों की एक बड़ी चाल है। उन्होंने परंपरागत बीजों को अपनाने की अपील की। कहा कि जो केंचुआ बाजार में मिल रहा है और खाद बनाता है, वह शीशा और जहरीले तत्व छोड़ता है। हम खेतों में ही प्राकृतिक केंचुओं को पैदा करने की बात कर रहे हैं।

राज्यपाल के तीखे बोल, काम करना भी जानता हूं, करवाना भी

8 of 10
राज्यपाल ने की इस कदम की सराहना
राज्यपाल के पूछने पर बागवानी विश्वविद्यालय के कुलपति डा. वीएस ठाकुर ने कहा कि उन्होंने सोलन से लेकर गिरिपुल तक 31 देसी गायों को एकत्र किया है। ये गायें 14 विभागों को दो-दो दी गई हैं। इनके गोबर और गोमूत्र से खेतों में खाद और कीटनाशकों के जैविक विकल्प जीवामृत और बीजामृत पर प्रयोग किए जा रहे हैं। राज्यपाल ने इसके लिए कुलपति के इस कदम की सराहना की। राज्यपाल बोले कि इसी से शून्य लागत की खेती हो सकती है।

राज्यपाल के तीखे बोल, काम करना भी जानता हूं, करवाना भी

9 of 10
राज्यपाल आचार्य देवव्रत ने नशाखोरी खत्म करने, जैविक खेती एवं गोपालन को बढ़ावा देने, स्वच्छता एवं पर्यावरण में सुधार और छुआछूत को जड़ से खत्म करने के लिए संबंधित सरकारी विभागों को कमेटियां बनाने के निर्देश दिए हैं। पांच घंटे तक चली राज्यपाल की क्लास में प्रदेश में इन चार एजेंडों पर अफसरों को ईमानदारी से काम करने को कहा।
विज्ञापन

राज्यपाल के तीखे बोल, काम करना भी जानता हूं, करवाना भी

10 of 10
शीर्ष अधिकारियों ने बैठक से काटी कन्नी
सरकार के कई शीर्ष अधिकारियों ने बैठक से कन्नी काटी। राज्यपाल ने इन चारों विषयों से संबंधित विभागों के सभी बड़े अफसरों को भी बुलाया था, मगर इनमें अतिरिक्त मुख्य सचिव श्रेणी के केवल दो वरिष्ठ अधिकारी ही मौजूद हुए। ये उपमा चौधरी और मनीषा नंदा थीं। प्रधान सचिव स्तर के अधिकारियों में आरडी धीमान भी नजर आए। बुलाए गए अतिरिक्त मुख्य सचिवों में स्वास्थ्य महकमा देख रहे विनीत चौधरी, शिक्षा देख रहे पीसी धीमान, बागवानी और राजस्व देख रहे तरुण श्रीधर आदि मौजूद नहीं हुए।
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें