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GST: चाय वाले से लेकर ढाबा मालिक तक पढ़ लें ये खबर

Thu, 29 Jun 2017 04:03 PM IST
कमलेश रतन भारद्वाज/अमर उजाला, मंडी
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प्रदेश में बेशक हर दिन 2700 रुपये की सेल करने वाले छोटे कारोबारी भी जीएसटी के दायरे में आएंगे, लेकिन ऐसे कारोबारियों को हर माह रिटर्न में छूट देने का भी प्रावधान किया गया है। इसमें एकमुश्त विधि (लमसम) अपनाने पर व्यापारियों को त्रैमासिक रिटर्न भरने की सुविधा मिलेगी।
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ऐसे में वर्ष में महज चार तिमाही और एक वार्षिक रिटर्न कारोबारी को भरनी होगी। कुल मिलाकर वास्तविक विधि में छोटे कारोबारी को साल में कुल 13 रिटर्न भरनी होंगी। छोटे कारोबारियों के तहत चाय की दुकानों से लेकर ढाबा मालिक को जीएसटी नंबर के लिए आवेदन करना होगा।
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जीएसटी में सालाना टर्नओवर की नॉर्थ ईस्टर्न स्टेट में सीमा 10 लाख रखी गई है, जबकि देश के अन्य राज्यों में यह सालाना टर्नओवर की सीमा 20 लाख है। इससे नॉर्थ ईस्टर्न स्टेट के साथ इन तीन राज्य के छोटे व्यापारी भी जीएसटी के दायरे में आ गए हैं। 

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वर्तमान में प्रदेश में छोटे और बड़े 80 हजार के लगभग कारोबारी हैं, लेकिन जीएसटी लागू होने से सूबे में ऐसे कारोबारियों का आंकड़ा बढ़ सकता है। इन छोटे कारोबारियों को हर माह जीएसटी में रिटर्न भरनी होगी, जबकि वार्षिक रिटर्न अलग से भरनी होगी।
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सहायक आयुक्त आबकारी एवं कराधान विभाग मंडी विनोद कुमार विष्ट ने कहा कि एक मुश्त विधि अपनाने पर छोटे कारोबारियों को जीएसटी के तहत चार त्रैमासिक रिटर्न और एक वार्षिक रिटर्न भरनी पड़ेगी।
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इसके लिए प्रावधान जीएसटी में रखा गया है। एकमुश्त विधि न अपनाने पर छोटे कारोबारियों को हर माह रिटर्न भरकर वर्ष की 13 रिटर्न भरनी होंगी। उन्होंने छोटे कारोबारियों से एकमुश्त विधि का लाभ उठाने का आह्वान किया है।
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