श्रीखंड महादेव यात्रा के आगे अमरनाथ यात्रा की चढ़ाई कुछ भी नहीं है। श्रीखंड महादेव 18 हजार फीट की ऊंचाई पर स्थित है। 32 किमी की चढ़ाई करनी पड़ती है। अमरनाथ यात्रा में जहां लोगों को करीब 14 हजार फीट की चढ़ाई करनी पड़ती है तो श्रीखंड महादेव के दर्शन के लिए करीब 18 हजार फीट ऊंचाई पर चढ़ना होता है।
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भारतवर्ष की सबसे कठिनतम धार्मिक यात्राओं में से एक श्रीखंड महादेव यात्रा 15 से 30 जुलाई तक आयोजित की जाएगी। श्रीखण्ड का रास्ता हिमाचल के रामपुर बुशहर से जाता है। यहां से निरमंड, उसके बाद बागीपुल और आखिर में जांव के बाद पैदल यात्रा शुरू होती है। श्रीखंड महादेव हिमाचल के कुल्लू स्थित ग्रेट हिमालयन नेशनल पार्क से सटा है।
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स्थानीय लोगों के अनुसार इस चोटी पर भगवान शिव का वास है। इसके शिवलिंग की ऊंचाई 72 फीट है। यहां तक पहुंचने के लिए सुंदर घाटियों के बीच से एक ट्रैक है। अमरनाथ यात्रा के दौरान लोग जहां खच्चरों का सहारा लेते हैं। वहीं, श्रीखंड महादेव की 32 किलोमीटर की इतनी कठिन चढ़ाई है जिसपर कोई खच्चर घोड़ा नहीं चल ही नहीं सकता।
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25 जुलाई को श्रद्धालुओं का अंतिम जत्था भेजा जाएगा, जो 30 जुलाई को लौट आएगा। यात्रा से पूर्व 6 जुलाई को निरमंड से पारंपरिक अंबिका माता की छड़ी श्रीखंड महादेव के दर्शन करेगी। कुल्लू जिला स्थित करीब साढ़े 18 हजार फीट की ऊंचाई पर स्थित श्रीखंड महादेव तक पहुंचने में श्रद्धालुओं को करीब 32 किलोमीटर कठिन पैदल रास्ता तय करना पड़ता है। इस बार अधिक बर्फ जमा होने से यात्रा में तैनात दो रेस्क्यू दल श्रीखंड महादेव के रास्ते का पूरा मुआयना करेंगे।
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उपायुक्त कुल्लू यूनुस ने बताया कि जुलाई प्रथम सप्ताह में ये दोनो दल श्रीखंड के रास्तों का मुआयना करेंगे और रिपोर्ट देंगे। रिपोर्ट के बाद यात्रा को आसान बनाने के लिए उचित कदम उठाए जाएंगे। उन्होंने तमाम श्रद्धालुओं से अपील की है कि चोरी छिपे इस जोखिम भरी यात्रा को न करें। उन्होंने कहा कि यात्रा को सुलभ बनाने के लिए कारगर कदम उठाए जाएंगे। क्षेत्र में हवाई सेवाओं की संभावनाओं को तलाशा जाएगा। संभव होगा तो हैलीकाप्टर सेवाएं दी जाएंगी।
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यात्रा के लिए ये होंगे बेस कैंप
सिंघगाड : यहां श्रद्धालुओं का पंजीकरण और स्वास्थ्य जांच होगी
थाचडू, भीमडवारी : इन कैंपों में डॉक्टर और पुलिस जवान मौजूद रहेंगे
पार्वती बाग : इस अंतिम बेस कैंप में मनाली का रेस्क्यू दल, पुलिस और होमगार्ड के जवान रहेंगे
100 रुपये लगेगी पंजीकरण फीस- इस बार प्रति यात्री पंजीकरण फीस सौ रुपये की गई है। यात्री पंजीकृत मेडिकल संस्थान से अपना स्वास्थ्य फिटनेस प्रमाणपत्र ला सकते हैं। बिना फिटनेस श्रद्धालु यात्रा में हिस्सा नहीं ले सकते। श्रीखंड यात्रा एवं ग्राम सुधार समिति के अध्यक्ष डीआर कश्यप ने बताया कि निरमंड में श्रद्धालुओं के लिए ठहरने और भंडारे का इंतजाम किया जाएगा।