हिमाचल के शिलाई में खाना खाने के बाद बीमार पड़े बच्चों की संख्या 147 हो गई है। वीरवार शाम तक इनकी संख्या 100 तक पहुंची थी लेकिन देर रात तक यह आंकड़ा 147 तक पहुंच गया। अब इस मामले की मजिस्ट्रेट जांच के निर्देश जारी कर दिए गए हैं। बच्चों के बीमार होने का पता चलते ही शुक्रवार को अस्पताल में परिजनों का जमावड़ा लग गया।
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फिलहाल बड़वा स्कूल में बीमार हुए 147 खिलाड़ियों और बच्चों की स्थिति खतरे से बाहर है। उपायुक्त बीसी बडालिया ने मेजिस्ट्रेट जांच के आदेश दिए हैं। एसडीएम शिलाई एक सप्ताह में जांच रिपोर्ट सौंपेंगे। राशन, पानी और बच्चों को हुई बामटिंग (उल्टी) के सैंपल जांच को भेजे गए हैं। फिलहाल स्थिति नियंत्रण में है। अस्पताल में दाखिल 147 मरीजों से से 146 को छुट्टी दी गई है।
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उधर, पुलिस ने धारा 269 और 336 के तहत मामला दर्ज कर छानबीन आरंभ कर दी है। हालांकि, फूड प्वाइजनिंग की वजह का पता नहीं चला है। लेकिन, प्रारंभिक जांच में राशन में परिरक्षक दवाई की गोली रहने की आशंका जताई जा रही है।
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बड़वा स्कूल में आयोजित जोन स्तरीय खेल स्पर्धा का वीरवार को समापन था। दोपहर को खाना खाने के बाद सभी फाइनल मैच देखने में मशगूल हो गए। लेकिन, कबड्डी मैच के दौरान अचानक खिलाड़ियों को चक्कर आने लगा और वह बेहोश हो गए। देर रात करीब 12 बजे तक यह आंकड़ा डेढ़ सौ के करीब पहुंचा।
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हालांकि, खाना खाने के बाद बीमार हुए लोगों की संख्या इससे कहीं अधिक है। लेकिन, कई लोग अस्पताल ही नहीं पहुंचे। 30 मरीजों को रात को ही घर भेज गया था। जबकि अन्य मरीज शुक्रवार को डिस्चार्ज किए गए। शुक्रवार को मामले की गंभीरता को देखते हुए सीएमओ डॉ. संजय शर्मा, उप निदेशक शिक्षा विभाग पूनम सूद और एसडीएम शिलाई ने पहले अस्पताल और फिर स्कूल का दौरा किया। जहां गहनता से जांच की गई।
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लेकिन, फूड प्वाइजनिंग की वजह का पता नहीं चल सका। दरअसल, टूर्नामेंट में बना खाना बचा नहीं था। तमाम बर्तन धो दिए गए थे। एसडीएम विकास शुक्ला ने चावल और दालों के सैंपल लिए। जबकि अस्थाई तौर पर दुकान को सीज कर दिया गया है। सीएमओ डॉ. संजय शर्मा ने बताया कि चावल, दाल और पानी के सैंपल लिए गए हैं। (मामले की जांच के लिए स्कूल पहुंची टीम)
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बच्चों को हुई उल्टी के सैंपल भी जांच को एफएसएल भेजे गए हैं। इसके पश्चात ही प्वाइजनिंग के सही कारणों का पता चल सकेगा। उपनिदेशक शिक्षा पूनम सूद के अनुसार ऊपर से मिले आदेशों के अनुसार जांच कमेटी गठित की गई है। यदि कहीं से चूक हुई होगी तो कार्रवाई की जाएगी। मिल्ला के प्रधानाचार्य को जांच का जिम्मा सौंपा गया है। (किचन में चैकिंग करती जांच टीम)
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उपायुक्त सिरमौर बीसी बडालिया का कहना है कि खेलकूद प्रतियोगिता के दौरान बच्च बीमार होने पर कड़ा संज्ञान लिया गया है। इसकी मेजिस्ट्रेट जांच होगी। एसडीएम शिलाई विकास शुक्ला को जांच अधिकारी नियुक्त किया गया है। जिन्हें एक सप्ताह के भीतर रिपोर्ट देने के निर्देश दिए गए हैं।
एसडीएम शिलाई विकास शुक्ला का कहना है कि प्रारंभिक जांच में राशन में गलती से परिरक्षक दवा की गोली होने की संभावना जताई जा रही है जिस कारण यह हादसा हुआ है। लेकिन, समय पर चिकित्सा सुविधा मिलने से सब सुरक्षित हैं।