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हिमाचल प्रदेश में तबाही: लाहौल में बाढ़ के कारण सात लोगों की मौत, रेस्क्यू जारी

Wed, 28 Jul 2021 08:17 PM IST
अरविन्द ठाकुर अमर उजाला नेटवर्क, शिमला
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रेस्क्यू में जुटे जवान। - फोटो : अमर उजाला
रेड अलर्ट के बीच हिमाचल प्रदेश में मंगलवार रात से जारी भारी बारिश ने तबाही मचा दी है। लाहौल स्पीति के तोजिंग नाले में बाढ़ की चपेट में आने से सात लोगों की मौत हो गई। तीन अन्य की तलाश जारी है। आईटीबीपी, बीआरओ, पुलिस और प्रशासन ने रेस्क्यू अभियान चला रखा है। मलबे में शवों की तलाश करने में जवानों को दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। तेज राम (75), देसराज (42) निवासी धमसोई और ऐतम राम (60) निवासी पनारसा, मंडी को रेस्क्यू किया गया है। तोजिंग नाला में आई बाढ़ में बीआरओ 84 के एक कनिष्ठ अभियंता, दो ऑपरेटर और एक जेसीबी के बहने की भी सूचना है। बीआरओ से मिली जानकारी के मुताबिक मंगलवार शाम से कनिष्ठ अभियंता, दो ऑपरेटर और एक जेसीबी गायब है।

मृतकों की पहचान
नीरथ राम (42), टकोली, जिला मंडी।
शेर सिंह (62), भीमसेई, जिला मंडी।
रूम सिंह (49), भीमसेई, जिला मंडी।
मेहर चंद (49), भीमसेई, जिला मंडी। (गाड़ी का मालिक HP 34D-9109)
मोहम्मद शरीफ, कुंदरदान, जिला रियासी, जम्मू-कशमीर।
दो अन्य शव बरामद हुए हैं जिनकी पहचान नहीं हो पाई है।
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- फोटो : अमर उजाला
कुल्लू जिला में ब्रह्मगंगा नाले में मां-बेटा और ब्रह्मगंगा कैंपिंग साइट पर काम करने वाली गाजियाबाद की लड़की सहित चार लोग बह गए हैं। इनकी तलाश की जा रही है।
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- फोटो : अमर उजाला
विश्व धरोहर कालका-शिमला रेलवे ट्रैक पर बड़ोग रेलवे स्टेशन के नजदीक विशालकाय पेड़ और मलबा गिर गया। ट्रैक पर पेड़ और मलबा आनेसे ट्रेनों के पहिये थम गए। इस दौरान कालका से शिमला जा रही रेलगाड़ी भी ट्रैक बाधित होने से रुकी रही। इस विशालकाय पेड़ और मलबे को हटाने के लिए रेलवे बोर्ड के कर्मियों को लगभग चार घंटे का समय लग गया। कई घंटों की मशक्कत के बाद रेलवे ट्रैक सुचारु रूप से शुरू हुआ और ट्रेन को मौके से रवाना किया गया। हालांकि, जंगल के बीच ट्रैक पर पेड़ व मलबा गिर जाने कारण यात्रियों को खासी परेशानी झेलनी पड़ी।

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- फोटो : अमर उजाला
जानकारी के अनुसार कालका-शिमला रेलवे ट्रैक पर लगभग तीन बजे भारी बारिश के बीच पेड़ और मलबा आ गिरा। गनीमत रही कि इस दौरान कालका से शिमला जा रही स्पेशल ट्रेन 04515 के चालक ने पेड़ देख लिया और ब्रेक लगा दी। इसके बाद इसकी जानकारी बड़ोग और सोलन रेलवे स्टेशन को दी गई। सूचना मिलने के बाद रेलवे कर्मचारी मौके पर पहुंचे और रेलवे कर्मचारी ट्रैक पर आए मलबे और पेड़ को हटाने के लिए कार्य शुरू किया। 
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- फोटो : अमर उजाला
वहीं, शाम छह बजे तक ट्रैक पर से पेड़ नहीं हट पाया। इस कारण शिमला से कालका जाने वाली ट्रेन को भी कुछ देर के लिए सोलन रेलवे स्टेशन पर रुकना पड़ा। यह ट्रेन लगभग सवा छह बजे सोलन रेलवे स्टेशन पहुंची थी। स्टेशन अधीक्षक बड़ोग धर्मदत्त उपाध्याय ने बताया कि सूचना के बाद कर्मियों के साथ मौके पर पहुंचे और पेड़ हटाने का कार्य शुरू किया। लगभग सात बजे ट्रैक सुचारु हो गया।
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