देवता शंचूल महादेव
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देवता शंचूल महादेव दशहरे के लिए रवाना
उपमंडल बंजार की सराज घाटी के गढ़पति देवता शंचूल महादेव सैकड़ों हारियानों के साथ कुल्लू दशहरे के लिए रवाना हो गए हैं। ढोल-नगाड़ों की थाप पर देवता ने देवालय से प्रस्थान किया। देवता शंचूल महादेव 100 किलोमीटर पैदल यात्रा कर तीन दिन बाद कुल्लू पहुंचेंगे। ढालपुर पहुंचने के बाद देवता सबसे पहले भगवान रघुनाथ के दरबार में हाजिरी लगाएंगे। इसके बाद अस्थायी शिविर में विराजमान होंगे। इसके साथ ही सुबह व शाम को देवता की विशेष पूजा व आरती भी देववाद्ययंत्रों की धुनों पर की जाएगी। देवता का कुल्लू पहुंचने से पहले जगह-जगह भव्य स्वागत किया जाएगा। शंचूल महादेव के मेहता धनी राम चौहान ने कहा कि अस्थायी शिविर में सात दिनों तक श्रद्धालु दर्शन कर पाएंगे।
ऊझी घाटी के कई और देवता कुल्लू रवाना
मनाली। देवी हिडिंबा के अलावा ऊझी घाटी से दर्जनों देवी-देवता दशहरा में भाग लेने के लिए आज ही रवाना हुए। गौशाल गांव से गौतम ऋषि और तक्षक नाग, नसोगी से शंख नारायण, चचोगा-अलेउ से सृष्टि नारायण सहित कई देवी-देवता उत्सव में भाग लेंगे। सभी देवता आज ही रवाना हुए है।