झमाच से शराला खड्ड श्मशान घाट तक सैकड़ों लोगों की शव यात्रा के साथ कतारें लगी रहीं। चार चिताओं के जलने का मंजर देख हर किसी की आंख नम हो गई। मृतकों के बच्चे और परिजन बिलख-बिलख कर रो रहे थे। परिजनों को गांव के लोग संभाल रहे थे। थाना पंचायत के उप प्रधान देहल देव ने बताया कि 11 बजे मृतकों की चिंताओं को मुखाग्नि दी गई।