बिपाशा
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कांगड़ा की बिपाशा मायूस
सीबीएसई बोर्ड की परीक्षा रद्द होने पर मैं मायूस हूं। एक तो पूरा वर्ष घर में बैठकर ही सेल्फ स्टडी करनी पड़ी, जिसमें स्कूल के अध्यापकों का भी बहुत योगदान रहा। दुख यह हुआ कि स्कूल नहीं जा पाए, जिस कारण कई कठिनाइयां हुईं। दो बार प्री बोर्ड परीक्षा दी हैं और प्रैक्टिकल भी दिए हैं। उसी के आधार पर ही विद्यार्थियों का वार्षिक परीक्षा परिणाम घोषित किया जाए, ताकि आगे अच्छे कॉलेज या यूनिवर्सिटी में दाखिला ले पाए। कोरोना संक्त्रस्मण के कारण स्टडी का बहुत नुकसान हुआ है, परंतु क्या कर सकते हैं जान हैं तो जहान है। - बिपाशा सिंह, केंद्रीय विद्यालय भनाला (गोहजू, रैत) कांगड़ा