मनाली से हिमाचल की सीमा सरचू तक 222 किलोमीटर लंबे मार्ग से बर्फ हटाने का काम सीमा सड़क संगठन (बीआरओ) ने वीरवार से शुरू कर दिया है। रिपोर्ट: मनु शर्मा
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मशीनों के साथ मिशन पर निकले सेना के 100 जवान
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बीआरओ के कमांडर कर्नल केपी राजेंद्र कुमार ने विधिवत पूजा अर्चना कर रोहतांग बहाली का आगाज किया। उन्होंने दावा किया कि अगर मौसम ने साथ दिया तो मई तक रोहतांग दर्रा को यातायात के लिए बहाल कर दिया जाएगा।
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अब मौसम खुलते ही 38 बीआरटीएफ के 100 जवान और 10 मशीनें मनाली के गुलाबा से मार्ग बहाली में जुट गई हैं।
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विश्व के सबसे कठिन और ऊंचे दर्रों से होकर गुजरने वाले मनाली-सरचू मार्ग को बहाल करना बीआरओ के लिए किसी चुनौती से कम नहीं है।
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यहां कई ऐसे दर्रे हैं जहां 30 से 35 फुट तक बर्फ जमी है। मनाली से 21 किलोमीटर दूर गुलाबा में 10 फुट के आसपास बर्फ है।
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कर्नल केपी राजेंद्र कुमार ने बताया कि इस मार्ग में 13050 फुट ऊंचा रोहतांग दर्रा तथा 16300 फुट ऊंचा बारालाचा दर्रा है जहां 30 फुट से अधिक बर्फ की मोटी की परत है।