दर्दनाक हादसों के बाद लोगों का अक्सर हौसला डगमगा जाता है, लेकिन आठ साल के रोहित ने हादसे में अपने दोनों हाथ गंवाने के बाद भी हिम्मत नहीं हारी है। 18 मार्च 2012 में रोहित हिमाचल के चंबा जिले के चुवाड़ी में हाई वोल्टेज तारों की चपेट में आया था। 25 मार्च 2012 को उसके हाथ काटने पड़े थे।
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PICS: इनके हौसले को आप भी करेंगे सलाम
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इलाज के तुरंत बाद रोहित ने अपनी पढ़ाई शुरू कर दी। पहले रोहित हाथ से लिखता था, लेकिन अब यह अंग न होने के चलते उसने पढ़ाई की ललक पूरी करने के लिए मुंह से ही लिखना सीख लिया है। रोहित मुंह में पेन डालकर हौसले की स्याही से अपनी तकदीर लिख रहा है।
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रोहित ने कहा कि वह बढ़ा होकर अध्यापक बनेगा। इसके लिए दिन में हर रोज स्कूल के बाद दो घंटे घर में पढ़ाई करता है। पढ़ाई के दौरान रोहित के माता-पिता नरेंद्र और लता भी उसका सहयोग करते हैं।