मार्जिन बढ़ने पर घटे मार्जिन को शराब के दाम में कमी से जोड़ा जा रहा था, लेकिन अब ऐसा नहीं होगा। प्रदेश में अब शराब बेचने वालों का मार्जिन बढ़ा दिया गया है, ऐसे में अब शराब के दाम पर अंतर नहीं आएगा। दरअसल, पहले विभाग और सरकार का मानना था कि चंडीगढ़ में सस्ती शराब होने से प्रदेश में तस्करी बढ़ रही है, ऐसे में प्रदेश में भी शराब के दाम कम किए जाने चाहिएं। इसी थ्योरी को ध्यान में रखते हुए विभाग ने नई नीति में कई बदलाव किए और मंत्रिमंडल में प्रस्तावित नीति पेश कर दी। मंत्रिमंडल ने मंजूरी दी, लेकिन विपक्ष ने इस पर हंगामा शुरू कर दिया। विपक्ष के दबाव के बाद आखिरकार सरकार ने पिछली कैबिनेट का फैसला पलट दिया। अब शराब के दाम तो वैसे ही रहेंगे और शराब बेचने वाले ठेकेदारों का मार्जिन भी पहले जैसा ही रहेगा।