हिमाचल प्रदेश की देवभूमि चंबा में आज भी कई मान्यताएं प्रचलित हैं। जिला चंबा के जनजातीय क्षेत्र पांगी की बात की जाए तो यहां आज भी मशाल जलाकर पूर्वजों को याद करने की मान्यता है। वर्तमान समय में साच, मिंधल रेई, घिसल, पूर्थी, शौर, कुलाल, शुण, अजोग में खाउल त्योहार मनाया जा रहा है। खाउल त्योहार को पांगीवासी बड़े धूमधाम से मना रहे हैं। पांगीवासियों में मान्यता है कि मशाल जलाकर लोग अपने पूर्वजों को भी याद करते हैं। वहीं हर क्षेत्र के गांव में अपनी कुलदेवी की पूजा-अर्चना करते है। पांगी घाटी में सबसे आखिरी गांव सुराल से यह त्योहार शुरू किया जाता है, जो जम्मू के बॉर्डर के साथ लगता गांव है।