हिमाचल प्रदेश के कांगड़ा जिले में शाहपुर के रुमेहड़ गांव में सोमवार सुबह भारी बारिश के बाद पहाड़ से आए पानी के सैलाब से हालात ज्यादा भयानक हो सकता थो अगर भीमसेन न होता। रुमेहड़ गांव के भीमसेन 22 जिंदगियां बचाकर खुद परिवार सहित मौत के मुंह में चले गए। रुमेहड़ पंचायत के उपप्रधान पप्पू राम और स्थानीय निवासी मनीष ने अमर उजाला की टीम को बताया कि सोमवार रात से काफी बारिश हो रही थी।
बारिश की वजह से पहाड़ के नीचे बसे अमर सिंह के घर की ओर छोटा नाला अवरुद्ध होने की वजह से थोड़ा-थोड़ा पानी आ रहा था। सुबह से हम करीब 22 लोग पानी की निकासी के लिए जुटे हुए थे। सुबह करीब 10:39 बजे करीब 70 मीटर दूर पहाड़ी पर अपने घर से भीमसेन हमें देखकर जोर-जोर से आवाजें लगाईं। उसने कहा कि पहाड़ से मलबा आ रहा है। यहां से भाग जाओ। भीमसेन की आवाज सुनकर सभी सड़क की तरफ भागे।