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नौ माह के भीतर हिमाचल में बनीं 92 दवाओं के सैंपल फेल

Sun, 02 Dec 2018 10:13 AM IST
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, शिमला
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विश्व मानचित्र पटल पर अपना नाम दर्ज करवाने वाले हिमाचल और फार्मा हब बीबीएन के उद्योगों की निर्मित होने वाली दवाएं मानकों पर खरा नहीं उतर रही हैं। इस वर्ष देशभर के लिए गए 314 सैंपलों में से हिमाचल में बनीं दवाओं के 92 सैंपल फेल हो गए हैं। 
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ताजातरीन ड्रग अलर्ट के तहत हिमाचल प्रदेश की 9 उद्योगों की दवाओं के सैंपल फेल हुए हैं, जिनमें बीबीएन के छह, पांवटा साहिब के 2 और परवाणू का एक सैंपल शामिल है। हालांकि प्रदेश की धूमिल हो रही छवि को लेकर सरकार ने सत्ता में आते ही इस ओर कड़ा संज्ञान लिया, लेकिन दवाएं बार-बार फेल हो रही हैं। 
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इस वर्ष जनवरी माह में 8, फरवरी में 14, मार्च में 16, अप्रैल में 6, मई में 13 और जून में 4, जुलाई में 7, अगस्त माह में 15, अक्तूबर माह में 9 दवाओं के सैंपल फेल हो गए हैं। जबकि बीते वर्ष 373 लिए गए सैंपलों में से प्रदेश के उद्योगों की बनीं 110 दवाओं के सैंपल फेल हुए है। 

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इस बार के ड्रग अलर्ट में पार्क फार्मास्यूटिकल कालूझिंडा की सेफीपार्क-1जी, ओमर हेल्थ केयर बददी का स्टेरिल वॉटर, जी लैबोरेट्रीज पांवटा साहिब की न्यूफॉल जेड, ईजी फार्मास्यूटिकल मंधाला की पेपटेक, लेगन हेल्थ केयर परवाणू की ग्लीक्लाजाइड मेटफोरमिन, , ब्रुक्स लैबोरेट्रीज किशनपुरा की एमोक्सीलिन पोटाशियम, हनुकैम लैबोरेट्रीज बददी की एलबेंडाजोल शामिल है। 
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हालांकि प्रदेश सरकार के कड़ा संज्ञान लेने और स्वास्थ्य मंत्री विपिन परमार के बददी में बैठकों के बाद जून व जुलाई में फेल होने वाले सैंपलों के आंकड़ों में गिरावट आई, लेकिन अगस्त व अक्तूबर माह में यह आंकड़ा फिर से बढ़ गया है। ऐसे में प्रदेशभर में करीब 750 फार्मा उद्योग स्थापित हैं, जिनमें से कई उद्योगों में निर्मित दवाओं पर सवाल उठते ही रहे हैं।
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सीडीएससीओ की ओर से हर माह दिए जाने वाले ड्रग अलर्ट के बाद विभाग हरकत में आता है और सैंपल फेल होने वाली दवाओं का बैच मार्केट से उठा लिया जाता है। राज्य दवा नियंत्रक नवनीत मरवाहा ने कहा कि कई दवाओं में वातावरण का भी असर पड़ता है, जिसके चलते कई दवाओं के सैंपल फेल होते है। उन्होंने कहा कि 90:10 के अनुुपात में बद्दी में ही ड्रग टेस्टिंग लैब बन रही है। इसके लिए एक भवन के पांच फ्लोर किराए पर ले लिए गए है और जल्द ही यहां लैब की स्थापना होगी। इससे दवाओं की जांच यहीं हो सकेगी।
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