जब 'मोतियों' से चमकती थी किसान की किस्मत
Sun, 19 Oct 2014 03:58 PM IST
सीप से मोती निकलता था, चमकती थी किस्मत किसान की
जब 'मोतियों' से चमकती थी किसान की किस्मत
हिमाचल प्रदेश के मैदानी इलाकों में एक जमाना था जब मोतियों की फसल की जाती थी। सीप से मोती निकला जाता था तो किसान भी समृद्ध था।
जब 'मोतियों' से चमकती थी किसान की किस्मत
ऊना के पंजावर फार्म बड़े पैमाने पर काफी समय तक मोती की खेती की जाती रही लेकिन वक्त के साथ इसे बंद कर दिया गया।
जब 'मोतियों' से चमकती थी किसान की किस्मत
पानी के तालाब में कृत्रित रूप से सीप से मोती की फसल की जाती है। इसके बाद सीप से चाकू या अन्य नोकिली चीज से मोती को निकाला जाता है।
जब 'मोतियों' से चमकती थी किसान की किस्मत
देश विदेश्ा के बाजारों में मोती के बढ़िया दाम मिलते हैं। बावजूद इसके सरकारों ने इस खेती की ओर खास ध्यान नहीं दिया।
जब 'मोतियों' से चमकती थी किसान की किस्मत
पानी के तालाब में कृत्रित रूप से सीप से मोती की फसल की जाती है। इसके बाद सीप से चाकू या अन्य नोकिली चीज से मोती को निकाला जाता है।