महात्मा गांधी का नाम भारत में ही नहीं विदेशों में भी प्रसिद्ध है। उन्हें देश का राष्ट्रपिता कहा जाता है। उनकी सीख, सत्य और अहिंसा के बारे में तो आप सब ने सुना होगा लेकिन मोहनदास करमचंद गांधी के महात्मा गांधी, राष्ट्रपिता और बापू बनने के पीछे एक महिला के त्याग का अहम रोल है। अगर ये महिला न होती तो आज गांधी जी महात्मा न होते। यह महिला कोई और नहीं, बल्कि महात्मा गांधी की पत्नी कस्तूरबा गांधी हैं। एक संपन्न परिवार की बेटी ने जब गांधीजी को अपना जीवनसाथी माना तो पग-पग पर उनके साथ चलती रहीं। कस्तूरबा गांधी का जीवन कठिन संघर्षों में गुजरा। उन्होंने कभी गांधी जी से एक पति और पिता के कर्तव्यों को पूरा करने के लिए नहीं कहा। गांधी जी देश सेवा में जुट गए। साधारण सूती धोती पहन आश्रमों में रहे। सादा जीवन जिया लेकिन वह नाजों से पली कस्तूरबा ने इन सभी संघर्षों को बिना किसी शिकायत जिया। आज कस्तूरबा गांधी की पुण्यतिथि है। 22 फरवरी 1944 में कस्तूरबा गांधी का निधन हुआ था। चलिए जानते हैं महात्मा गांधी की पत्नी कस्तूरबा गांधी के बारे में कुछ रोचक बातें।