Independence Day 2023: भारत की आजादी को 76 साल पूरे होने जा रहें है। इस जश्न से पूरा भारत झूम रहा है। 15 अगस्त, 1947 को हम सभी अंग्रेजी हुकूमत से आजाद हुए थे। ये आजादी हमें इतनी आसानी से नहीं मिली थी। भारत ने खून पसीना एक कर के अंग्रेजों से इस आजादी को पाया था। आजादी की इस लड़ाई में महात्मा गांधी, जवाहरलाल नेहरू, सरदार बल्लभ भाई पटेल का नाम सर्वप्रथम शामिल किया जाता है। हालांकि, महिलाओं के बिना ये लड़ाई अधूरी थी। जी हां, भारत को आजादी दिलाने में महिलाओं की महत्वपूर्ण भूमिका रही थी। इस आंदोलनों में जहां पुरुषों का हिस्सा लेना आसान था, वहीं महिलाओं के लिए उतना ही मुश्किल। आंदोलन में भाग लेना मतलब समाज में बरसों से चली आ रही कई प्रथाओं को तोड़ने के समान था। इन सभी बेडियों को तोड़ते हुए सरोजिनी नायडू, भीकाजी कामा और सावित्री बाई फुले ने आजादी की इस लड़ाई में पुरूषों के कंधों से कंधा मिलाया था। यहीं नहीं उस समय जब महिलाओं को पर्दों के पीछे रखा जाता था, उस दौर में इन महिलाओं ने देश को आजाद करवाने में जमीन और आसमां को एक कर दिया था। आइए इन सभी बहादुर महिलाओं के बारे में विस्तार से जानते हैं।