First Woman Rail Minister Of India: भारत आजादी के 76 साल पूरे होने के उपलक्ष्य में जश्न मना रहा है। 15 अगस्त 1947 में देश ब्रिटिश हुकुमत की गुलामी की जंजीरें तोड़कर आजाद हो गया था। आजादी के बाद भारत में कई बड़े बदलाव हुए। देश एक लोकतांत्रिक राष्ट्र बना, जिसका खुद का अपना संविधान है। भारतीयों को वो सभी अधिकार मिले तो एक देश के सम्मानित नागरिक को मिलने चाहिए।
भारत में फैली आर्थिक, सामाजिक और राजनीतिक असमानता को कम करने के प्रयास से संविधान में कानून बनाए गए। संविधान में महिलाओं को भी समान अधिकार दिए। परिणामस्वरूप आजादी के बाद देश की राजनीति में महिलाओं की भूमिका बढ़ी।
इंदिरा गांधी के रूप में देश को पहली महिला प्रधानमंत्री मिली तो वहीं आजादी के लगभग 52 साल बाद भारत को पहली महिला रेल मंत्री मिलीं। भले ही किसी महिला के लिए रेल मंत्री बनने में कई वर्षों का समय लगा, लेकिन महिलाओं की स्थिति को और अधिक मजबूत करने के लिए यह पहल अहम रही। आइए जानते हैं उस महिला के बारे में, जिसे सबसे पहले रेल मंत्री का प्रभार मिला, यानी आजाद भारत की पहली महिला रेल मंत्री के राजनीतिक सफर के बारे में जानिए।