anusha srinivasan iyer
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अनाथ जानवरों की मां
अनुषा कहती हैं, जब आप किसी चीज से प्यार करते हैं, तो आप हमेशा उसके लिए समय निकालते हैं। सभी के लिए ये जरूरी है, मैं हमेशा से ऐसी ही रही हूं। आंखें फूटी या टूटी टांग और हड्डियों के साथ जानवर अगर बेघर दिखते हैं तो उन्हें मैं घर ले आती हूं, उनकी सेवा की जाती है और फिर वो हमारे घर के सदस्य बन जाते हैं।
जानवरों से मैंने माफ करना, जीवन में आगे बढ़ना सीखा है। लोग इनके साथ क्या कुछ नहीं करते, लेकिन ये उन्हें माफ कर देते हैं। ये भाव सिर्फ इन्हीं जानवरों में ही होता है।