पिता की मौत के बाद शादी की खुशियां मातम में बदलीं
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पिता का साया उठने पर मां ने निभाई रस्में
बताया जा रहा है कि मूलचंद ने जहां अपने बेटे की शादी तय की थी, लेकिन पिता की मौत हो गई। फिर अंतिम संस्कार के बाद बेटे ने पिता के वादे को रखने के लिए शादी को जारी रखने का फैसला किया। फिर उसी दिन रात में बेटे को हल्दी लगाई गई। मां ने बेटे को दूल्हा बनाकर विदा किया। रविवार को बारात रवाना हुई, जिसमें रिश्तेदार और समाज के करीब 60 लोग शामिल हुए। शादी की सभी रस्में अत्यंत सादगी से निभाई गईं। दूल्हे छीतर की शादी तिहारी गांव में तय थी। चिंदीरी की रस्म नहीं हुई। बारात लेकर पहुंचे समाजजनों ने सिर्फ फेरों की औपचारिकता निभाई।