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Sawai Madhopur: त्रिनेत्र गणेश मंदिर मार्ग पर फिर आ धमका बाघ, श्रद्धालुओं की सुरक्षा की चिंता अब भी बरकरार

Sat, 03 May 2025 07:51 PM IST
हिमांशु प्रियदर्शी न्यूज डेस्क, अमर उजाला, सवाई माधोपुर

सार

Sawai Madhopur News: लोगों का कहना है कि यहां आना अब जोखिम भरा हो गया है, लेकिन फिर भी धार्मिक आस्था उन्हें खींच लाती है। वे कहते हैं कि अब सिर्फ त्रिनेत्र गणेश ही हैं जो उनकी रक्षा कर सकते हैं, क्योंकि सुरक्षा एजेंसियां तो पूरी तरह से लापरवाह दिख रही हैं।
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त्रिनेत्र गणेश मंदिर मार्ग पर लगातार दिख रहे बाघ - फोटो : अमर उजाला
सवाई माधोपुर स्थित रणथंभौर टाइगर रिजर्व राजस्थान प्रदेश का सबसे बड़ा टाइगर रिजर्व है। यह इन दिनों लगातार टाइगर मूवमेंट को लेकर सुर्खियों में बना हुआ है। रिजर्व के मध्य स्थित प्रसिद्ध त्रिनेत्र गणेश मंदिर तक जाने वाले श्रद्धालुओं में भय का वातावरण है, क्योंकि मंदिर मार्ग पर बार-बार बाघों की मौजूदगी देखी जा रही है। शनिवार को एक बार फिर टाइगर को मंदिर मार्ग की सुरक्षा दीवार पर चहलकदमी करते हुए देखा गया, जिसने श्रद्धालुओं में हड़कंप मचा दिया।
 
जानकारी के मुताबिक, जो श्रद्धालु चौपहिया वाहनों से मंदिर की ओर जा रहे थे। उन्होंने जब टाइगर को करीब से देखा, तो घबराहट और भय उनके चेहरों पर साफ दिखाई दी। पर्यटकों ने भी इस दौरान टाइगर की मौजूदगी को अपने कैमरों में कैद किया। यह कोई पहली घटना नहीं है, बल्कि मंदिर मार्ग पर बाघों की लगातार मौजूदगी से स्पष्ट है कि क्षेत्र में उनकी आमद बेहद सक्रिय है, जिससे हर पल अनहोनी की आशंका बनी हुई है।

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त्रिनेत्र गणेश मंदिर मार्ग पर लगातार दिख रहे बाघ - फोटो : अमर उजाला
16 अप्रैल की घटना से अब तक नहीं मिला सबक
गौर करने वाली बात यह है कि बीते 16 अप्रैल को इसी मार्ग पर एक छह साल के बालक को टाइगर ने अपना शिकार बना लिया था। उस दुखद घटना के बाद वन विभाग ने तत्काल प्रभाव से मंदिर मार्ग को नौ दिनों के लिए बंद कर दिया था। परंतु कुछ दिन बाद पुनः श्रद्धालुओं के लिए मार्ग खोल दिया गया। इस बार वन विभाग ने थोड़ी सख्ती जरूर दिखाई है, जिसके तहत पैदल और दोपहिया वाहनों से मंदिर जाने की अनुमति रोक दी गई है। केवल आरजे 25 नंबर की चौपहिया गाड़ियों और निर्धारित टैक्सियों को ही मार्ग से गुजरने की इजाजत दी गई है।
 
हालांकि टाइगर मूवमेंट जिस तीव्रता से बना हुआ है, वह इन सतही उपायों को नाकाफी साबित कर रहा है। श्रद्धालुओं की सुरक्षा अब भी पूरी तरह सुनिश्चित नहीं हो सकी है और लोग हर क्षण किसी भी अप्रिय घटना की आशंका से घिरे रहते हैं।
 
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त्रिनेत्र गणेश मंदिर मार्ग पर लगातार दिख रहे बाघ - फोटो : अमर उजाला
रणथंभौर दुर्ग और मंदिर मार्ग पर सक्रिय हैं 17 से 18 टाइगर
जानकारों के अनुसार, त्रिनेत्र गणेश मंदिर मार्ग और रणथंभौर दुर्ग के आसपास वर्तमान में लगभग 17 से 18 टाइगर का मूवमेंट बना हुआ है। इनमें से किसी भी समय कोई भी टाइगर मंदिर मार्ग पर पहुंच सकता है। इससे स्पष्ट है कि श्रद्धालुओं की सुरक्षा अब केवल कागजों तक सीमित रह गई है और व्यावहारिक स्तर पर प्रशासन और वन विभाग की उदासीनता साफ झलकती है।

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त्रिनेत्र गणेश मंदिर मार्ग पर लगातार दिख रहे बाघ - फोटो : अमर उजाला
श्रद्धालुओं की आवाजाही के इस मार्ग पर जिस तरह से टाइगर खुलेआम विचरण कर रहे हैं, उसे देखते हुए यह कहना अतिशयोक्ति नहीं होगा कि यहां श्रद्धालु अपनी जान जोखिम में डालकर भगवान के दर्शन करने पहुंचते हैं। वर्तमान स्थिति में न तो प्रशासन कोई प्रभावी कदम उठाता दिख रहा है और न ही वन विभाग इस संवेदनशील मुद्दे पर गंभीर नजर आ रहा है।

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त्रिनेत्र गणेश मंदिर मार्ग पर लगातार दिख रहे बाघ - फोटो : अमर उजाला
श्रद्धालु बोले- अब सिर्फ गणेश जी ही रक्षा करें
स्थानीय श्रद्धालुओं और पर्यटकों के बीच भय की स्थिति लगातार बढ़ती जा रही है। हर कोई इसी चिंता में है कि अगली बार किसकी बारी होगी। लोगों का कहना है कि यहां आना अब जोखिम भरा हो गया है, लेकिन फिर भी धार्मिक आस्था उन्हें खींच लाती है। वे कहते हैं कि अब सिर्फ त्रिनेत्र गणेश ही हैं जो उनकी रक्षा कर सकते हैं, क्योंकि सुरक्षा एजेंसियां तो पूरी तरह से लापरवाह दिख रही हैं।
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