हिरासत में लिए गए हनुमान बेनीवाल तथा पार्टी कर्यकर्ता
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धरने में शामिल युवाओं ने अमर उजाला से बातचीत में कहा कि हम गांवों से आए किसान परिवारों के बच्चे हैं। हमारे माता-पिता कर्ज लेकर हमारी पढ़ाई का खर्च उठाते हैं, लेकिन जब भर्ती परीक्षा भ्रष्टाचार की भेंट चढ़ जाती है, तो हम निराश हो जाते हैं। ऐसे में या तो आत्महत्या करनी पड़ती है या अपराध की ओर जाना पड़ता है।