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Mann Ki Baat: 'मन की बात' में पीएम मोदी सुना चुके हैं राजस्थान के कई किस्से, जानें किस-किस का किया जिक्र

Sun, 30 Apr 2023 10:34 AM IST
अर्पित याज्ञनिक न्यूज डेस्क, अमर उजाला, राजस्थान

सार

Mann Ki Baat: 99वें एपिसोड में पीएम नरेंद्र मोदी ने सुनाए राजस्थान के किस्से, जानिए 14 संस्मरण
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Mann Ki Baat - फोटो : Social Media
पीएम नरेन्द्र मोदी का आकाशवाणी पर प्रसारित होने वाला कार्यक्रम 'मन की बात' रविवार 30, अप्रैल को 100 वां एपिसोड पूरा करने जा रहा है। राजस्थान की कई ऐसे लोग, स्थान, चीजें, इनोवेशन और बातें हैं, जिनका ज़िक्र पीएम मोदी मन की बात के अपने पिछले एपिसोड्स में कर चुके हैं। अमर उजाला पर ऐसे ही कुछ संस्मरण पेश हैं।

पीएम मोदी के 'मन की बात' कार्यक्रम का 100वां एपिसोड रविवार 30 अप्रैल को प्रसारित होने जा रहा है। पीएम बनने के बाद साल 2014 में मोदी ने इस रेडियो कार्यक्रम की मासिक शुरुआत की थी। मोदी इस प्रोग्राम में राजनीति से अलग हटकर समाज के अलग अलग क्षेत्रों, प्रतिभाओं, इनोवेशन, उदाहरण, बदलावों की चर्चा करते आ रहे हैं। समाज और युवा पीढ़ी को सीख देने के लिए इस दौरान मोदी ने 500 से ज्यादा लोगों से बात भी की है। ये ऐसे लोग हैं जो गुमनाम रहकर समाज की सेवा में योगदान दे रहे हैं। समाज और देश की तरक्की के लिए काम कर रहे हैं। पीएम नरेंद्र मोदी ने ऐसे ही राजस्थान के कुछ उदाहरण अपने मन की बात के अलग-अलग एपिसोड में दिए।
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मोहम्मद असलम - फोटो : Amar Ujala Digital
पीएम नरेंद्र मोदी ने बारां जिले के मोहम्मद असलम का जिक्र मन की बात के 18वें एपिसोड में किया था। मोदी ने कहा था कि ये एक किसान उत्पादन संघ के सीईओ हैं। इनकी उपलब्धि यह है कि इन्होंने अपने क्षेत्र में अनेक किसानों को मिलाकर एक सोशल मीडिया समूह बना लिया है। इस समूह पर वे प्रत्येक दिन आस-पास की मंडियों में क्या भाव चल रहा है, इसकी जानकारी किसानों को देते हैं। वहीं, इनके एफपीओ भी किसानों से फसल खरीदते हैं। मोहम्मद असलम के इन प्रयासों से किसानों को निर्णय लेने में मदद मिलती है।
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सुल्तान से 'सुर-तान' : उदयपुर की प्राचीन सुल्तान की बावड़ी का युवाओं ने किया कायाकल्प

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सुल्तान की बावड़ी - फोटो : Amar Ujala Digital
पीएम मोदी ने मन की बात के 90वें एपिसोड में उदयपुर की प्राचीन सुल्तान की बावड़ी की युवाओं द्वारा किए गए कायाकल्प की प्रशंसा की थी। मोदी ने कहा था कि उदयपुर की इस बावड़ी का निर्माण राव सुल्तान सिंह ने करवाया था। लेकिन उपेक्षा के कारण धीरे-धीरे ये जगह वीरान होती गई और कुड़े-कचरे के ढेर में तब्दील हो गई। एक दिन कुछ युवा इस बावड़ी तक पहुंचे और इसकी स्थिति देख कर व्यथित हुए। इन युवाओं ने उसी क्षण सुल्तान की बावड़ी की तस्वीर और तकदीर बदलने का संकल्प किया और इस मिशन का नाम दिया सुल्तान से 'सुर-तान'। सुल्तान की बावड़ी की सफाई के बाद, उसे सजाने के बाद वहां सुर और संगीत के कार्यक्रम आयोजित होते हैं। इस बदलाव के कारण विदेशी पर्यटक भी इसे देखने आने लगे हैं।

उदयपुर के आर्किटेक्ट सुनील लड्ढ़ा को जाता है बावड़ी के कायापलट का श्रेय
इस बावड़ी के कायापलट का श्रेय उदयपुर के आर्किटेक्ट सुनील लड्ढ़ा को जाता है, जो पहले यहां घूमने आए, उनके प्रयासों से कई युवा उनसे जुड़े और अब इस बावड़ी में सुर और तान छिड़ते दिखाई देते हैं। उदयपुर शहर से करीब 10 किलोमीटर दूर बेदला गांव में सैकड़ों साल पहले तत्कालीन शासक राव सुल्तान सिंह ने इस बावड़ी का निर्माण किया था। जो रख-रखाव के बगैर निर्जन होकर खंडहर में तब्दील होती नजर आ रही थी। इस बावड़ी पर लोग नहीं जाया करते थे। बावड़ी की दीवारों और चारों ओर खरपतवार उग चुका था और बावड़ी का पानी केमिकल की तरह लाल गुलाबी हो गया, जो पूरी तरह जहर सरीखा बन चुका था। आर्किटेक्ट ने गुमनाम हो चुकी बावड़ी के असली सौंदर्य को देखा और इसकी कायापलट करने की सोची। इसके लिए अपने साथी आर्किटेक्ट्स और अन्य युवाओं को जोड़ा। काम शुरू करने से पहले उन्होंने बेदला पंचायत से भी अनुमति ली और पूरे प्रयासों के साथ काम में जुट गए। देखते-देखते इस बावड़ी की काया पलट गई। जिस बावड़ी के आसपास लोग जाते नहीं थे, वहां अब संगीत के कार्यक्रम भी होते हैं। अब इस बावड़ी को लोग सुर-तान की बावड़ी भी कहने लगे हैं। आर्किटेक्ट सुनील लढ़ा बताते हैं कि पता नहीं क्यों वह वहां घूमने गए, शायद बावड़ी के कायापलट के लिए उनके कदम वहां पड़े। बावड़ी को देखकर लग नहीं रहा था कि यह हमारी धरोहर है। आर्टिकटेक्ट के नजरिए से देखा और उसकी सुंदरता दिखाई देने लगी और सोचा कि क्यों ना इसे वापस सुंदर बनाया जाए? उन्होंने कहा कि असल में यह बावड़ी बेहद सुंदर है और उसे देखकर वह कायल हो गए थे। इसलिए उन्होंने इसे वापस जिंदा करने का निर्णय लिया। साफ सफाई होने के बाद बावड़ी का पानी गंगाजल जैसा साफ सुथरा हो गया। क्योंकि हर-हर गंगा के साथ बेदला गांव के 200 परिवारों ने इस बावड़ी में हरिद्वार से मंगवाया गंगाजल डाला और अब इस बावड़ी के पानी को गंगाजल कहा जाने लगा है।

अजमेर जिले के सेठा सिंह रावत बने 'दर्जी ऑनलाइन'

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सेठा सिंह रावत - फोटो : Amar Ujala Digital
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मन की बात के 92 वें एपिसोड में डिजिटल इंडिया की प्रगति के कारण देश में नए डिजिटल उद्यमियों की संख्या बढ़ने के साथ-साथ रोजगार के अवसर बढ़ने की बात कही थी। उन्होंने अजमेर जिले के सेठा सिंह रावत 'दर्जी ऑनलाइन' की चर्चा करते हुए कहा था कि सेठा सिंह रावत कोविड के पहले टेलरिंग का कार्य करते थे। कोविड काल को मुश्किल नहीं समझते हुए उन्होंने आपदा को एक अवसर के रूप में लिया। सेठा सिंह रावत कॉमन सर्विस सेन्टर से जुड़े और ऑनलाइन कामकाज शुरू किया। इसके बाद उनका कारोबार बढ़ा, तो इन्होंने 'दर्जी ऑनलाइन' नाम से अपना ऑनलाइन स्टोर शुरू किया। जिससे और भी कई तरीके के कपड़े बनाकर देश भर में बेचने लगे। सेठा सिंह रावत के इस अभिनव प्रयास की वजह से कई महिलाओं को रोजगार की प्राप्ति हुई है।
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भरतपुर में पीएम कुसुम योजना के लाभार्थी किसान कमलजी मीणा ने सोलर पम्प लगाया

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किसान कमलजी मीणा - फोटो : Amar Ujala Digital
30 अक्टूबर 2022 को पीएम मोदी ने मन की बात कार्यक्रम में लोगों को छठ पर्व की बधाई देते हुए सोलर एनर्जी से मिल रहे फायदे के बारे में जानकारी दी। इस दौरान उन्होंने कहा कि "राजस्थान के भरतपुर में पीएम कुसुम योजना के एक लाभार्थी किसान हैं कमलजी मीणा। कमलजी ने खेत में सोलर पंप लगाया, जिससे उनकी लागत कम हो गई है। लागत कम हुई तो आमदनी भी बढ़ गई। कमलजी सोलर बिजली से दूसरे कई छोटे उद्योगों को भी जोड़ रहे हैं। उनके इलाके में लकड़ी का काम है, गाय के गोबर से बनने वाले उत्पाद हैं, इनमें भी सोलर बिजली का इस्तेमाल हो रहा है।''
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जोधपुर जाएं, तो चांद बावड़ी को ज़रूर देखें 

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चांद बावड़ी - फोटो : Amar Ujala Digital
प्रधानमंत्री मोदी ने रविवार 29 अप्रैल 2018 को अपने मन की बात कार्यक्रम में जल संरक्षण विषय पर विचार व्यक्त करते हुए देश की जल परंपरा और यहां के प्राचीन जल संरक्षण से जुड़ी बावडिय़ों आदि स्रोतों का जिक्र किया। उन्होंने जोधपुर की चांद बावड़ी के बारे में भी बताया। उन्होंने कहा कि यदि जोधपुर जाएं, तो इस बावड़ी को जरूर देखें। सूर्यनगरी के भीतरी शहर स्थित चांद बावड़ी में राणीसर-पदमसर के ओटे के दौरान तालाब की शिराएं आती हैं। राणीसर के जूने ओटे के दौरान चांद बावड़ी स्वत: भर बाहर आ जाती है। इस जगह का पवित्र जल लोग जलाभिषेक के लिए भी काम में लिया करते थे, लेकिन इन दिनों यह बावड़ी उपेक्षा का शिकार हो रही है। इसमें शराब की बोतलें इत्यादि पड़ी रहने से कई भक्तों और ब्राह्मणों का मोह भंग हो रहा है, जबकि यह जगह लोगों की आस्था की प्रतीक है। दरअसल, रानीसर और पदमसर जलाशय से नीचे की तरफ स्थित इस बावड़ी का निर्माण राव चूंडा की सोनगरा रानी चान्दकंवर ने करवाया था।

जोधपुर एम्स में पहला स्थान बनाने वाले एक स्टूडेंट का ज़िक्र
पीएम मोदी ने 29 जुलाई 2018 को अपनी मेहनत से पढ़ाई कर जोधपुर एम्स में पहला स्थान बनाने वाले एक स्टूडेंट का ज़िक्र किया।  रेडियो कार्यक्रम मन की बात के दौरान उन्होंने काफी संघर्ष के बाद जोधपुर एम्स में सलेक्ट होने वाले मध्यप्रदेश के देवास के गरीब घर के मेधावी विद्यार्थी आसाराम चौधरी की तारीफ की थी। मोदी ने जोधपुर एम्स का जिक्र करते हुए कहा कि मध्यप्रदेश के गरीब व्यक्ति के पुत्र आसाराम ने अपनी मेहनत से पढ़ाई कर एम्स में पहला स्थान बनाया। अगर आप भी ऐसे ही पढ़ाई करें, तो आप सभी युवा-स्टूडेंट्स जो चाहें वह हासिल कर सकते हैं। तब जोधपुर में लोगों ने पीएम नरेंद्र मोदी के मन की बात को जोधपुर नगर निगम में महापौर कक्ष में लाइव सुना था। केंद्रीय मंत्री और जोधपुर सांसद गजेंद्र सिंह शेखावत और महापौर घनश्याम ओझा के साथ शिक्षा से जुड़े लोगों ने यह कार्यक्रम सुना। मन की बात कार्यक्रम के बाद केंद्रीय शेखावत और महापौर ओझा ने शिक्षण संस्थाओं से जुड़े लोगों से अपने यहां इन बातों को विद्यार्थियों को बताने की अपील की। जोधपुर एम्स के विद्यार्थी आसाराम और जोधपुर एम्स में डीन डॉ. सुरजीत घटक ने इस पर खुशी जाहिर की है। उन्होंने इसे जोधपुर और जोधपुर एम्स के लिए गर्व और खुशी की बात करार दिया।

सीकर की कच्ची बस्तियों की गरीब बेटियों की आत्मनिर्भरता को सराहा
27 मई 2018 को 44 में एपिसोड में पीएम मोदी ने सीकर की कच्ची बस्तियों की गरीब बेटियों की आत्मनिर्भरता को सराहा था। उन्होंने कहा कि मैं टीवी पर राजस्थान की सीकर की कच्ची बस्तियों की हमारी गरीब बेटियों की एक कहानी देख रहा था। हमारी यह गरीब बेटियां कभी कचरा बीनने से लेकर घर-घर मांगने को मजबूर थीं। आज ये बेटियां सिलाई का काम सीकर गरीबों का तन ढकने के लिए कपड़े सिल रही हैं। यहां की बेटियां आज अपने और अपने परिवार के कपड़ों के अलावा सामान्य से लेकर अच्छे कपड़े तक सील रही हैं। वे इसके साथ-साथ कौशल विकास का कोर्स भी कर रही हैं। हमारी ये बेटियां आज आत्मनिर्भर बन चुकी हैं।
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दौसा की गीता महावर और कोमल महावर का खादी उत्पादन में योगदान बताया

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गीता महावर और कोमल महावर - फोटो : Amar Ujala Digital
31 जनवरी 2016 को पीएम मोदी ने 12वें एपिसोड में दौसा की गीता महावर और कोमल महावर के खादी उत्पादन में योगदान को रेखांकित किया था। गीता और कोमल दौसा खादी समिति की वर्कर थीं और इनकी कई पीढ़ियां कातिन का काम करती आ रही थीं। प्रधानमंत्री ने कहा कि दौसा की गीता देवी और कोमल देवी ने पत्र लिखकर उन्हें बताया है कि सौर ऊर्जा से चलने वाले चरखे के कारण उनके जीवन में बड़ा परिवर्तन आया है। इससे उनकी आय दोगुनी हुई और मेहनत भी कम हो गई है।

जालौर की पंचायत भद्रायूं और थानवाला में जल संरक्षण में आमजन के योगदान को सराहा
26 जनवरी 2020 को पीएम ने मन की बात के 61 में एपिसोड में जालौर जिले की पंचायत भद्रायूं और थानवाला में जल संरक्षण में आम जनता के योगदान को काफी सराहा था।

जैसलमेर के पुलकित के पत्र की भी चर्चा
पीएम नरेंद्र मोदी ने 29 जनवरी 2023 को मन की बात के 97वें एपिसोड में भारत के लोकतंत्र की प्राचीनता की भी चर्चा की। साथ ही जैसलमेर के पुलकित के पत्र की भी चर्चा की। उन्होंने लिखा था कि परेड के दौरान कर्तव्य पथ का निर्माण करने वाले श्रमिकों को देखकर उन्हें काफी खुशी हुई।

सवाई माधोपुर रेलवे स्टेशन पर चित्रकारी का भी जिक्र

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रेलवे स्टेशन पर चित्रकारी - फोटो : Amar Ujala Digital
प्रधानमंत्री ने सवाई माधोपुर रेलवे स्टेशन पर की जा रही वन्यजीव और जंगल की चित्रकारी का भी तब जिक्र किया था और कहा कि यहां के कलाकारों ने स्वच्छ और सुंदर भारत के लिए किए जा रहे प्रयासों में एक कारगर पहल की है।

करौली के सुंदर सिंह गुर्जर के पैरा ओलंपिक भाला फेंक में सिल्वर मेडल जीतने पर की तारीफ 

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करौली के सुंदर सिंह गुर्जर - फोटो : Amar Ujala Digital
29 जुलाई 2018 को 46वें मन की बात एपिसोड में पीएम मोदी ने करौली जिले के रहने वाले सुंदर सिंह गुर्जर के पैरा ओलंपिक में 61.33 मीटर भाला फेंक में सिल्वर मेडल जीतने पर उनकी तारीफ की। कहा कि अंतरराष्ट्रीय स्तर की प्रतियोगिताओं में वह लगातार अच्छा प्रदर्शन कर रहे हैं।
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पुलवामा हमले में शहीद कोटा के हेमराज मीणा के शौर्य और बलिदान की प्रशंसा

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शहीद कोटा के हेमराज मीणा - फोटो : Amar Ujala Digital
24 फरवरी 2019 को 53वें मन की बात एपिसोड में पीएम ने पुलवामा हमले में शहीद हुए कोटा के हेमराज मीणा के शौर्य और बलिदान की जमकर प्रशंसा की थी।
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