राजस्थान के भरतपुर जिले के कुम्हेर थाने इलाके में एक युवक ने अपने दोस्त के परिवार पर हमला कर दिया। सिकरोरा गांव में शनिवार रात डेढ़ बजे हुई गोलीकांड ने सभी को दहला दिया है। इस वारदात में पुलिस वाले सहित तीन सगे भाइयों की मौत हो गई, वहीं दो महिलाओं सहित तीन लोग गंभीर रूप से घायल हैं। एक छोटी हाथपाई ने किस तरह इतना बड़ा रूप लिया, आइए जानते हैं।
क्यों और कैसे हुई वारदात?
सिकरोरा गांव में रहने वाला आरोपी लाखन और कांस्टेबल गजेंद्र का बेटा टेंनपाल दोनों गहरे दोस्त थे। अधिकांश समय दोनों ही साथ रहते थे। कहीं आना जाना हो तब भी वह साथ ही जाया करते थे। दोनों का घर भी आमने-सामने था। 24 नवंबर को किसी बात पर लाखन और टेंनपाल में झगड़ा हो गया। इस दौरान दोनों के बीच हाथापाई भी हो गई थी। गावं के सरपंचों ने दोनों के बीच सुलह करवाकर मामला शांत करा दिया।
इसके बाद भी लाखन शांत नहीं हुआ। उसने टेनपाल से रंजिश मान ली और बदला लेने की ठान ली। शुक्रवार देर रात उसने अपने 10 से ज्यादा दोस्तों को गांव में बुलाया लिया। दो गाड़ियों से सिकरोरा गांव पहुंचे लाखन के दोस्तों के पास हथियार भी थे। आरोपियों ने गजेंद्र के घर के बाहर पहुंचकर गाली-गलौज शुरू की और फिर हवाई फायर भी करने लगे।
गोलियों के चलने आवाज सुनकर सबसे पहले गजेंद्र बाहर आया तो बदमाशों ने उसे गोली मार दी। इसी बीच पड़ोस में रहने वाले गजेंद्र के दो भाई ईश्वर और समंदर भी बाहर आ गए तो बदमाशों ने उन पर गोलियां चला दीं। इसके बाद उन्होंने घर से निकले टेनपाल को भी गोली मारी। इसी बीच घर के अंदर पहुंचे बदमाशों ने टेनपाल की पत्नी और मां पर भी गोलियां चला दीं।
पुलिस के अनुसार इस वारदात में तीन सगे भाइयो समंदर (58), गजेंद्र (52) और ईश्वर (54) की मौत हुई है, जबकि गजेंद्र की पत्नी माया (48), गजेंद्र का बेटा टेनपाल (29) और टेनपाल की पत्नी रवीना (28) बुरी तरह जख्मी हो गए। गजेंद्र आरएसी में कांस्टेबल था। उसकी अलवर जिले में तैनाती थी। घायलों को इलाज के लिए जयपुर रेफर किया गया है। जहां अस्पताल में उनका इलाज चल रहा है।