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Rajasthan: भरतपुर में डेढ़ महीने में दूसरा हत्याकांड, तीन भाइयों की मौत और तीन घायल, दोस्त क्यों बना दुश्मन?

Sun, 27 Nov 2022 06:11 PM IST
उदित दीक्षित न्यूूज डेस्क, अमर उजाला, भरतपुर

सार

करीब डेढ़ महीने पहले भी भरतपुर के पथैना गांव में भी इसी तरह का हत्याकांड हुआ था। आपसी विवाद के चलते गांव के कुछ लोगों ने पिता और उसके दो बेटों की गोली मारकर हत्या कर दी थी। एक मृतक आरएसी में कांस्टेबल था।
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गोलीकांड में तीन भाइयों की मौत। - फोटो : अमर उजाला
राजस्थान के भरतपुर जिले के कुम्हेर थाने इलाके में एक युवक ने अपने दोस्त के परिवार पर हमला कर दिया। सिकरोरा गांव में शनिवार रात डेढ़ बजे हुई गोलीकांड ने सभी को दहला दिया है। इस वारदात में पुलिस वाले सहित तीन सगे भाइयों की मौत हो गई, वहीं दो महिलाओं सहित तीन लोग गंभीर रूप से घायल हैं। एक छोटी हाथपाई ने किस तरह इतना बड़ा रूप लिया, आइए जानते हैं। 

क्यों और कैसे हुई वारदात? 
सिकरोरा गांव में रहने वाला आरोपी लाखन और कांस्टेबल गजेंद्र का बेटा टेंनपाल दोनों गहरे दोस्त थे। अधिकांश समय दोनों ही साथ रहते थे। कहीं आना जाना हो तब भी वह साथ ही जाया करते थे। दोनों का घर भी आमने-सामने था। 24 नवंबर को किसी बात पर लाखन और टेंनपाल में झगड़ा हो गया। इस दौरान दोनों के बीच हाथापाई भी हो गई थी। गावं के सरपंचों ने दोनों के बीच सुलह करवाकर मामला शांत करा दिया। 

इसके बाद भी लाखन शांत नहीं हुआ। उसने टेनपाल से रंजिश मान ली और बदला लेने की ठान ली। शुक्रवार देर रात उसने अपने 10 से ज्यादा दोस्तों को गांव में बुलाया लिया। दो गाड़ियों से सिकरोरा गांव पहुंचे लाखन के दोस्तों के पास हथियार भी थे। आरोपियों ने गजेंद्र के घर के बाहर पहुंचकर गाली-गलौज शुरू की और फिर हवाई फायर भी करने लगे।

गोलियों के चलने आवाज सुनकर सबसे पहले गजेंद्र बाहर आया तो बदमाशों ने उसे गोली मार दी। इसी बीच पड़ोस में रहने वाले गजेंद्र के दो भाई ईश्वर और समंदर भी बाहर आ गए तो बदमाशों ने उन पर गोलियां चला दीं। इसके बाद उन्होंने घर से निकले टेनपाल को भी गोली मारी। इसी बीच घर के अंदर पहुंचे बदमाशों ने टेनपाल की पत्नी और मां पर भी गोलियां चला दीं। 

पुलिस के अनुसार इस वारदात में तीन सगे भाइयो समंदर (58), गजेंद्र (52) और ईश्वर (54) की मौत हुई है, जबकि गजेंद्र की पत्नी माया (48), गजेंद्र का बेटा टेनपाल (29) और टेनपाल की पत्नी रवीना (28) बुरी तरह जख्मी हो गए। गजेंद्र आरएसी में कांस्टेबल था। उसकी अलवर जिले में तैनाती थी। घायलों को इलाज के लिए जयपुर रेफर किया गया है। जहां अस्पताल में उनका इलाज चल रहा है। 
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आरोपी के घर बाहर तैनात हैं पुलिस के जवान। - फोटो : अमर उजाला
गांव में पसरा मातम, शवों अंतिम संस्कार
पुलिस ने तीनों शवों का पीएम कराने के बाद शव परिजनों को सौंप दिए।  जहां पैतृक गांव में गमगीन माहौल में उनका अंतिम संस्कार किया गया। वारदात के बाद से सभी आरोपी फरार हैं। पुलिस उनकी तलाश में जुटी हुई है। घटना के बाद पुलिस अधीक्षक श्याम सिंह ने घटना स्थल का निरीक्षण कर आरोपियों को जल्द से जल्द पकड़ने के निर्देश दिए हैं। गांव में आरपीएस सतीश वर्मा, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक अनिल कुमार मीणा के अलावा आधा दर्जन थानों के थाना अधिकारी और बड़ी संख्या में पुलिस बल तैनात किया गया।
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कांस्टेबल गजेंद्र के घर के बाहर लगी भीड़ और तैनात पुलिस के जवान। - फोटो : अमर उजाला
अक्टूबर में भी ऐसा ही हत्याकांड हुआ
बतादें कि करीब डेढ़ महीने पहले भी भरतपुर के पथैना गांव में भी इसी तरह का हत्याकांड हुआ था। आपसी विवाद के चलते गांव के कुछ लोगों ने पिता और उसके दो बेटों की गोली मारकर हत्या कर दी थी। एक मृतक आरएसी में कांस्टेबल था। पुलिस ने वारदात में शामिल आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया था। 
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