हरियाणा के गुरुग्राम में दो सितंबर को होने वाले अमर उजाला संवाद कार्यक्रम में राजस्थान के लोकप्रिय नेता और युवाओं के प्रेरणास्रोत सचिन पायलट शिरकत करेंगे। कार्यक्रम में सचिन पायलट युवा शक्ति और विकास पर बात करेंगे। सचिन पायलट राजस्थान के प्रभावशाली नेताओं में गिने जाते हैं। उनके करियर और व्यक्तिगत जीवन से जुड़ी कुछ महत्वपूर्ण बातें निम्नलिखित हैं...
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अमर उजाला संवाद कार्यक्रम में शामिल होंगे सचिन पायलट।
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सचिन पायलट एक भारतीय राजनीतिज्ञ हैं, जो राजस्थान सरकार में पूर्व उपमुख्यमंत्री रह चुके हैं। सचिन पायलट का जन्म 7 सितंबर 1977 को हुआ था। सचिन के पिता राजेश पायलट कांग्रेस के दिग्गज नेताओं में से एक थे। उनके पिता, राजेश पायलट, कांग्रेस पार्टी के वरिष्ठ नेता और केंद्रीय मंत्री थे। उनकी मां का नाम रमा पायलट है।
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सचिन पायलट।
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सचिन पायलट ने अपनी प्रारंभिक शिक्षा दिल्ली के एयर फोर्स बाल भारती स्कूल में पूरी की और बाद में दिल्ली विश्वविद्यालय के सेंट स्टीफेंस कॉलेज से स्नातक की डिग्री हासिल की। इसके बाद उन्होंने अमेरिका स्थित पेंसिलवानिया विश्वविद्यालय के व्हॉर्टन स्कूल से एमबीए की डिग्री भी हासिल की। उनकी शिक्षा ने उन्हें एक व्यापक दृष्टिकोण और आधुनिक सोच दी, जो उनकी राजनीति में झलकती है।
पिता के निधन के बाद रखा राजनीति में कदम
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सचिन पायलट।
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सचिन पायलट का राजनीतिक जीवन 2004 में शुरू हुआ। 2004 में अपने पिता के निधन के बाद राजनीति में कदम रखा। उन्होंने दौसा सीट से लोकसभा चुनाव लड़ा और जीत हासिल की। उन्हें दौसा सीट से चौदहवीं लोकसभा के लिए चुना गया। वे भारतीय सांसद बनने वाले सबसे युवा व्यक्ति बने। सचिन पायलट ने केंद्र सरकार के गृह विभाग के स्टैंडिंग कमेटी के सदस्य और नागरिक उड्डयन मंत्रालय के सलाहकार समिति के सदस्य के रूप में भी काम किया है। दिसंबर 2018 में उन्हें राजस्थान का 5वां उप मुख्यमंत्री बनाया गया था, लेकिन आंतरिक विवादों के चलते 14 जुलाई 2020 को उन्हें उप मुख्यमंत्री और राजस्थान कांग्रेस अध्यक्ष पद से हटा दिया गया था।
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यूपीए सरकार में संभाला मंत्रालय
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सचिन पायलट।
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2009 के लोकसभा चुनाव में उन्होंने अजमेर से चुनाव जीता और यूपीए सरकार में उन्हें संचार और सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय में राज्य मंत्री बनाया गया। बाद में वह कॉर्पोरेट मामलों के राज्य मंत्री भी बने।
राजस्थान कांग्रेस के अध्यक्ष रहे
2014 के लोकसभा चुनाव में कांग्रेस की हार के बाद उन्हें राजस्थान कांग्रेस का अध्यक्ष बनाया गया। उनके नेतृत्व में पार्टी ने 2018 के विधानसभा चुनाव में वापसी की।
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2004 में विवाह के बंधन में बंधे
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पत्नी और बच्चों के साथ सचिन पायलट।
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सचिन पायलट की शादी 2004 में सारा अब्दुल्ला से हुई थी। सारा, पूर्व जम्मू-कश्मीर के मुख्यमंत्री फारूक अब्दुल्ला की बेटी और उमर अब्दुल्ला की बहन हैं। सचिन और सारा के दो बेटे हैं।
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युवा और गतिशील नेता की छवि
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सचिन पायलट।
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सचिन पायलट को एक युवा और गतिशील नेता माना जाता है, जिनके पास आधुनिक दृष्टिकोण है। वह किसानों, युवाओं और दलितों के मुद्दों पर मुखर रहे हैं। सचिन पायलट को भारतीय राजनीति के भविष्य के संभावित नेताओं में से एक माना जाता है। उनके समर्थक उन्हें मुख्यमंत्री पद के दावेदार के रूप में देखते हैं। सचिन पायलट का करियर भारतीय राजनीति में युवाओं के लिए प्रेरणा का स्रोत हैं और उनके राजनीतिक जीवन में आने वाली चुनौतियां उन्हें और भी परिपक्व नेता के रूप में सामने लाती हैं।
2020 में सचिन पायलट और राजस्थान के मुख्यमंत्री अशोक गहलोत के बीच आंतरिक कलह हुई, जिससे पार्टी के भीतर संकट उत्पन्न हो गया। पायलट ने कुछ समय के लिए बगावत की, लेकिन बाद में पार्टी के भीतर ही रहकर समाधान किया गया।