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Rajasthan: मिनी खजुराहो यहां है, औरंगजेब के कारण राजकुमारी ने मौत चुनी तो नाम पड़ा 'कन्या दह विलासगढ़', देखें तस्वीरें  

Thu, 02 Jun 2022 06:18 PM IST
उदित दीक्षित न्यूज डेस्क, अमर उजाला, बारां 

सार

Rajasthan tourist places
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बारां के पर्यटन स्थलों के बारे में जानिए। - फोटो : सोशल मीडिया
हरी भरी वादियों और घाटियों से घिरा संपदा युक्त पहाड़ियों के बीच स्थित है बारां। यहां प्राचीन युग के अवशेष यंत्र-तंत्र बिखरे पड़े हैं। जिले का इतिहास 14 वीं शताब्दी का माना जाता है, जब सोलंकी राजपूतों ने यहां शासन किया था। 1949 में राजस्थान के पुनर्गठन के समय बारां कोटा का मुख्य आंचलिक कार्यक्षेत्र बना और 1991 में इसे जिला बनाया गया। बारां की प्राकृतिक सुंदरता, शक्तिशाली किले, सुंदर मंदिर समूह और इसकी वास्तुकला दर्शनीय है। आज हम आपको शहर के 13 प्रमुख पर्यटन स्थल के बारे में बताएंगे, आइए जानते हैं...
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रामगढ़ भंडदेवरा मंदिर - फोटो : सोशल मीडिया
रामगढ़ भंडदेवरा मंदिर
10वीं शताब्दी का यह एक प्राचीन मंदिर माना जाता है। इसकी वास्तुकला की शैली खजुराहो शैली से मिलती जुलती है, इसी लिए इसे राजस्थान का 'मिनी खजुराहो' भी कहा जाता है। एक छोटे तालाब के किनारे बसा यह मंदिर अन्य मंदिरों से अनूठा है। यहां प्रसाद के तौर पर एक देवता को मिठाई और सूखे फल चढ़ाए जाते हैं तो दूसरे आराध्य की सेवा में मांस मदिरा का भोख लगाया जाता है।
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शाहबाद किला - फोटो : सोशल मीडिया
शाहबाद किला
16वीं शताब्दी में चौहान राजपूत मुक्तमनी देव ने इस किले का निर्माण कराया था। घने जंगली इलाके में सीना ताने यह किला कुंड कोह घाटी से घिरा है। इतिहास के अनुसार इस किले की रक्षा के लिए 18 शक्तिशाली तोपें स्थापित की गईं थीं, जिनमें एक तोप की लंबाई 19 फुट थी। एक रोचक तथ्य यह भी है कि मुगल सम्राट औरंगजेब का वास भी यहां कुछ समय के लिए रहा था।

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शाहबाद की शाही जामा मस्जिद - फोटो : सोशल मीडिया
शाहबाद की शाही जामा मस्जिद
यह मस्जिद अपने वास्तुशिल्प के लिए प्रसिद्ध है। इसका प्रारूप दिल्ली की जामा मस्जिद को देखकर बनाया गया। यह अपने सुंदर मेहराबों और स्तम्भों के कारण जानी जाती है। 
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शेरगढ़ किला - फोटो : सोशल मीडिया
शेरगढ़ किला
परवन नदी के किनारे स्थित शेरगढ़ किला पर्यटकों के लिए आकर्षण का केंद्र है। कई राजवंशों के शासन करने के बाद शेर शाह सूरी ने इस पर कब्जा कर लिया। जिससे इसका नाम शेरगढ़ किला पर गया। इसका मूल नाम कोषवर्धन था। 790 ईस्वी का एक शिलालेख शेरगढ़ किले के भव्य इतिहास को दर्शाता है।
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शेरगढ़ अभ्यारण्य - फोटो : सोशल मीडिया
शेरगढ़ अभ्यारण्य
शेरगढ़ गांव में यह समृद्ध और सुरम्य अभ्यारण्य है। यहां वनस्पति और कई जानवरों की लुप्त होती प्रजातियां पाई जाती हैं। यहां बाघ, भालू, तेंदुए और अन्य जंगली जानवर भी हैं। पर्यटकों और फोटोग्राफर्स के लिए यह अभ्यारण्य एक आकर्षण का केंद्र हैं।
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सीताबाड़ी - फोटो : सोशल मीडिया
सीताबाड़ी
यह सीता माता और लक्ष्मण को समर्पित प्राचीन मंदिर है। भगवान राम और सीता के दोनों पुत्र लव और कुश का जन्म यहीं हुआ था। इसमें वाल्मीकि कुंड, सीता कुंड, लक्ष्मण कुंड और सूर्य कुंड कई अन्य कुंड भी हैं। 

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तपस्वियों की बगीची - फोटो : सोशल मीडिया
तपस्वियों की बगीची
यहां एक विशालकाय शिव जी की प्रतिमा है, जिसे शाहबाद के स्थानीय लोग पूजते हैं। खड़े पहाड़ इस बगीची की पहरेदारों की तरह रक्षा करते हैं। यहां कभी सुपारी की खेती भी हुआ करती थी।

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काकूनी मंदिर समूह - फोटो : सोशल मीडिया
काकूनी मंदिर समूह
यहां 8वीं सदी के वैष्णव देवताओं और भगवान शिव के मंदिरों का समूह है। काकूनी मंदिर समूह परवन नदी के तट पर स्थित है। यहां राजा भीम देव द्वारा निर्मित भीमगढ़ किले के अवशेष भी दर्शनीय हैं। काकूनी मंदिरों से कई मूर्तियां कोटा और झालावाड़ के संग्रहालयों में लाकर सुरक्षित रखी गई हैं।

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सूरज कुंड - फोटो : सोशल मीडिया
सूरज कुंड
यह महान धार्मिक स्थल चारों ओर से बरामदों से सुरक्षित है। यहां स्थानीय लोग अपने दिवंगत रिश्तेदारों की राख प्रवाहित करने और देवताओं के प्रति अपना सम्मान व्यक्त करने के लिए आते हैं। कुंड के एक कोने में शिवलिंग की स्थापना की गई है। 

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सोरसन माता मंदिर - फोटो : सोशल मीडिया
सोरसन माताजी सोरसन
यह मंदिर सोरसन गांव में स्थित है। शिवरात्रि पर हर साल यहां एक मेला आयोजित किया जाता है। इसमें बड़ी तादाद में भक्त लोग आते हैं। मंदिर में एक अखंड ज्योत जलती है। ग्रामीणों का कहना है कि यह ज्योत 400 साल से लगातार जल रही है।  

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नाहरगढ़ किला - फोटो : सोशल मीडिया
नाहरगढ़ किला 
यह किला लाल पत्थर से बना हुआ है। मुगल वास्तुकला के आधार पर निर्मित यह किला एक शानदार संरचना है। जिसे देखने के लिए पर्यटक आते रहते हैं।

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कन्या दह विलासगढ़ - फोटो : सोशल मीडिया
कन्या दह विलासगढ़
यहां के शासक राजा खींची की राजकुमारी के रूप को देखकर औरंगजेब आसक्त हो गया था। उसने अपने सिपाहियों को राजकुमारी को उठा लाने का आदेश दिया था। राजकुमारी ने उसकी रानी बनने के बजाय अपना जीवन समाप्त कर ली। अपनी हार से गुस्साए औरंगजेब ने पूरे विलासगढ़ को नष्ट कर दिया। इससे पहले यह स्थान एक अच्छे और पूर्णतया विकसित नगर के रूप में प्रसिद्ध था। अब यह घने जंगलों के बीच एक निर्जन स्थल है।
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कपिलधारा - फोटो : सोशल मीडिया
कपिलधारा
कपिल धारा प्राकृतिक सुंदरता से भरपूर जगह है। यहां एक सदाबहार झरना और पास में स्थित गौमुख भी पर्यटकों के लिए आकर्षण का केंद्र हैं।
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