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पंजाब इंटेलिजेंस के मुख्यालय पर हमला: क्या होता है रॉकेट से दागने वाला ग्रेनेड, इससे पहले इस देश में हुआ था इस्तेमाल

Tue, 10 May 2022 09:51 AM IST
पूजा त्रिपाठी अमर उजाला नेटवर्क, मोहाली

सार

रॉकेट से चलने वाला ग्रेनेड क्या होता है और यह कैसे काम करता है। इससे पहले इस रॉकेट प्रोपेल्ड ग्रेनेड (आरपीजी) को किस देश में देखा गया था, यह सब जानने के लिए पढ़ें पूरी खबर...
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रॉकेट प्रोपेल्ड ग्रेनेड (आरपीजी) - फोटो : अमर उजाला
मोहाली सेक्टर-78 स्थित पंजाब इंटेलिजेंस मुख्यालय पर सोमवार देर शाम रॉकेट लांचर से हमला हुआ। हमले में किसी भी तरह का जानी नुकसान नहीं हुआ। पुलिस ने पूरे इलाके को सील कर दिया है। साथ ही इमारत को खाली करवाकर सर्च ऑपरेशन चलाया है। पुलिस ने घटनास्थल से चला हुआ रॉकेट लांचर और कुछ ज्वलनशील पदार्थ कब्जे में लिया है। पुलिस के सीनियर अधिकारी, फॉरेंसिक की टीमें घटना स्थल पर पहुंच गई हैं। यह मामला शाम 7:45 बजे के करीब का बताया जा रहा है। 

क्या आप जानते हैं कि रॉकेट से चलने वाला ग्रेनेड क्या होता है और यह कैसे काम करता है। इससे पहले इस रॉकेट प्रोपेल्ड ग्रेनेड (आरपीजी) को किस देश में देखा गया था, यह सब जानने के लिए पढ़ें पूरी खबर...
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पंजाब इंटेलिजेंस के मुख्यालय पर हमला - फोटो : अमर उजाला

क्या होता रॉकेट प्रोपेल्ड ग्रेनेड

रॉकेट प्रोपेल्ड ग्रेनेड (आरपीजी) की रेंज करीब 700 मीटर होती है। इससे किसी भी टैंक, बख्तरबंद गाड़ी, हेलिकॉप्टर या विमान को उड़ाया जा सकता है। सेना से जुड़े विशेषज्ञ कहते हैं कि इस तरह के हथियार को अफगानिस्तान में देखा गया था। पंजाब के पूर्व डीजीपी शशिकांत सिंह ने कहा कि इस तरह का हथियार पंजाब में पहली बार देखने को मिला है।
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रॉकेट प्रोपेल्ड ग्रेनेड (आरपीजी) - फोटो : अमर उजाला

बिल्डिंग की लाइट बंद कर दी गई

खुफिया मुख्यालय में हमले के बाद इलाके में तनाव की स्थिति बनी हुई है। जांच की टीम मौके पर हैं, लेकिन इसी बीच दफ्तर की लाइट बंद कर दी गई। अमूमन ऐसी किसी घटना के बाद सभी लाइट ऑन कर दी जाती है, लेकिन धमाके के बाद यहां बिल्डिंग की लाइट को बंद कर दिया गया।

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मोहाली में पंजाब खुफिया विभाग के दफ्तर पर हमला। - फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी

पंजाब फिर बन रहा आतंक का गढ़

23 दिसंबर को लुधियाना की अदालत में बम ब्लास्ट हुआ। एक की मौत।
14 जनवरी को अमृतसर से पांच किलो विस्फोटक पदार्थ मिला था
11 जनवरी को गुरदासपुर से ही ढाई किलो आरडीएक्स व गोला बारूद मिला
21 जनवरी को गुरदासपुर से दो हैंड ग्रेनेड व चार किलो आरडीएक्स मिला
23 अप्रैल को चंडीगढ़ की बुड़ैल जेल के बाहर टिफिन बम में डेढ़ किलो आरडीएक्स मिला
5 मई को फिरोजपुर से विस्फोटक सामग्री लेकर जा रहे चार आतंकियों को करनाल के पास पकड़ा
9 मई तरनतारन में ढाई किलो आईईडी के साथ डेढ़ किलो आरडीएक्स मिला
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रॉकेट प्रोपेल्ड ग्रेनेड (आरपीजी) - फोटो : अमर उजाला

अगर दिन में होता हमला तो कई लोगों की जा सकती थी जान 

पंजाब इंटेलिजेंस के दफ्तर पर रॉकेट लांचर से अगर यह हमला दिन के समय होता तो कई लोगों की जान जा सकती थी। इस इमारत में पुलिस के कई वरिष्ठ अधिकारियों के दफ्तर हैं। साथ ही राज्यभर से लोग अपनी शिकायतों को लेकर आते रहते हैं। इतना ही नहीं इसके पास में ही एक निजी अस्पताल व शैक्षणिक संस्थान भी हैं।
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