गरीबी के कारण पंजाब में एक पूरा परिवार खत्म हो गया। जगरांव के गांव सोढ़ीवाल निवासी एक युवती ने पहले अपने कोमा में पड़े भाई और मां को खाने में जहर दे दिया। इसके बाद उसी जहरीले खाने को खुद खाकर आत्महत्या कर ली। मां और भाई की हत्या करने वाली बेटी ने शनिवार सुबह जगरांव के एक निजी अस्पताल में दम तोड़ दिया है। इस घटना के बाद पूरे गांव में शोक की लहर है। थाना सिंधवा वेट पुलिस ने धारा 174 के तहत कार्रवाई कर शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। थाना सिंधवा वेट पुलिस इस मामले की जांच कर रही है।
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प्रतीकात्मक तस्वीर।
- फोटो : amar ujala
जानकारी के अनुसार गांव सोढ़ीवाल में एक परिवार में तीन सदस्य जसवीर कौर (58), उसका बेटा गुरप्रीत सिंह (37) और बेटी मंदीप कौर (27) थे। लगभग सात साल पहले गुरप्रीत सिंह एक हादसे का शिकार हो गया और वह कोमा में चला गया था।
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मृतका मंदीप कौर।
- फोटो : फाइल फोटो
गुरप्रीत सिंह के उपचार के कारण पूरे घर की आर्थिक स्थिति कमजोर हो गई थी। इसके बाद भी मां और बेटी किसी तरह घर का गुजारा चला रही थी। परिवार पर मुसीबत का पहाड़ उस समय टूट पड़ा, जब जसवीर कौर भी चोट लगने से घायल हो गई।
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मृतक गुरप्रीत सिंह।
- फोटो : फाइल फोटो
अपनी मां की हालत को देख मंदीप कौर मानसिक तौर पर परेशान रहने लगी। इसी परेशानी में उसने 12 अप्रैल को खाने में जहर मिलाकर मां और भाई को खिला दिया। उसी खाने को खुद भी खा लिया।
पड़ोस की एक महिला जब घर पहुंची उसने पूरे गांव को घटना के बारे में बताया। तीनों को तुरंत जगरांव के निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया। जहां 13 अप्रैल को जसवीर कौर और 14 अप्रैल को गुरप्रीत सिंह की मौत हो गई। शनिवार 17 अप्रैल की सुबह मंदीप कौर ने भी दम तोड़ दिया है।