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तस्वीरों में किसानों का भारत बंद: पंजाब भर में व्यापक असर, सड़क और बाजार दिखे सूने, 22 ट्रेनें रहीं रद्द

Mon, 27 Sep 2021 07:00 PM IST
ajay kumar संवाद न्यूज एजेंसी, पंजाब
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भारत बंद - फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
संयुक्त किसान मोर्चा के आह्वान पर किसानों ने सोमवार को सुबह छह बजे से लेकर शाम चार बजे तक भारत बंद का एलान किया था। पूरे पंजाब में भारत बंद का व्यापक असर देखने को मिला। सड़क और रेल यातायात ठप रहने से लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ा। किसानों ने अमृतसर, फिरोजपुर राजपुरा, अबोहर में ट्रेनें रोक दीं। वहीं संगरूर, पठानकोट, मोगा में रेलवे ट्रैक पर बैठ गए। इसके अलावा दूध, फल-सब्जी की सप्लाई बाधित होने के कारण जहां लोगों को इससे वंचित रहना पड़ा तो वहीं व्यापारियों को आर्थिक नुकसान उठाना पड़ा। फरीदकोट में किसान संगठनों की तरफ से कोटकपूरा व जैतो सब डिवीजनों में 10 स्थानों पर नेशनल व स्टेट हाईवे पर चक्का जाम कर धरना दिया गया। पठानकोट में दिल्ली-जम्मू नेशनल हाइवे पर किसानों ने छह जगह पर धरना दिया। वहीं, रेलवे क्रासिंग पर भी जगह-जगह ट्रैक्टर और ट्रक खड़े कर दिए गए। दोपहर 12 बजे के करीब किसान संगठनों की ट्रैक्टर रैली बाजार से निकली तो दुकानें खोलकर बैठे दुकानदारों के साथ किसानों की झड़प हो गई। इसके बाद भाजपा नेता भी वहां पहुंचे, नारेबाजी हुई, इससे माहौल तनावपूर्ण हो गया। हालांकि, एसपी हेडक्वार्टर मनोज ठाकुर और डीएसपी सिटी राजेंद्र मन्हास ने बीच बचाव कर माहौल शांत किया। 
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रेलवे ट्रैक पर बैठे किसान। - फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
देश के विभिन्न राज्यों से पठानकोट के रास्ते जम्मूतवी व कटड़ा जाने वाली अधिकतर ट्रेनें सुबह छह बजे से पहले ही अपने समय पर निकल गई। जबकि, किसानों के आने से सियालदाह एक्सप्रेस को वहीं पर रोक दिया गया। इसके पीछे पहुंची झेलम एक्सप्रेस भी कैंट स्टेशन पर रोक दी गई।बेगमपुरा को फगवाड़ा तथा मालवा और सुपरफास्ट को लुधियाना में ही रोक दिया गया। सुबह जम्मूतवी व कटड़ा पहुंची ट्रेनों को देर शाम हड़ताल खत्म होने के बाद चला दिया गया। इसके अलावा बठिंडा, बटाला, मुक्तसर में प्रदर्शनकारी संगठनों को भारत बंद पूरा समर्थन मिला। 
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सुनसान पड़ी सड़क - फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
मुक्तसर विकास मिशन एवं टांक क्षत्रिय सभा ने भी इस बंद को समर्थन दिया। खन्ना में रेलवे ट्रैक जाम करने से यात्री परेशान रहे। नवांशहर में किसान संगठनों की ओर से लंगड़ोआ बाइपास व महालों बाइपास व राहों में धरना प्रदर्शन किया गया। जालंधर में किसानों ने पंजाब एंड सिंध बैंक में पहुंचकर नारेबाजी की और बैंक बंद करवा दिया। इस दौरान सूचना के आधार पर छाबड़ा स्वीट्स व लवली स्वीट्स पहुंचकर दुकानें बंद करवाईं।

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टोल प्लाजा पर धरने पर बैठे किसान। - फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
फिरोजपुर सिटी रेलवे स्टेशन के नजदीक ट्रैक पर बैठे किसानों की वजह से जालंधर-फिरोजपुर रेल संचालन ठप हो गया। इस कारण फिरोजपुर मंडल की 22 ट्रेनों को रद्द करना पड़ा। उधर, सुनाम ऊधम सिंह वाला (संगरूर) में भाकियू एकता उगराहां ने सुनाम में रेलवे ट्रैक पर धरना दिया। पटियाला बठिंडा मुख्य सड़क पर यातायात बाधित रहा। सुनाम में स्थानीय आईटीआई चौक में 32 किसान संगठनों ने केंद्र सरकार की नीतियों के विरोध में भड़ास निकाली। आंदोलन में भारी संख्या में महिलाओं ने हिस्सा लिया। 
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किसानों ने लगाया धरना। - फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
अबोहर के हनुमानगढ़ रोड राजपुरा बस स्टैंड पर भाकियू नेता सुभाष गोदारा और विनोद डूडी के नेतृत्व में चक्का जाम किया गया। वहीं राजपुरा भी पूर्ण तौर पर बंद रहा। किसानों ने संगरूर के महावीर चौक में धरना लगाया और धुरी में ट्रैक पर बैठकर रोष जताया। बटाला की सब्जी और फल मंडी पूरी तरह से बंद रही। आम लोगों को सब्जी की किल्लत महसूस हुई। आपातकालीन परिस्थितियों से निपटने के लिए जिला प्रशासन पूरी तरह से मुस्तैद दिखा।
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लुधियाना में 40 स्थानों पर किसानों ने संभाला मोर्चा

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सूना पड़ा पठानकोट रेलवे स्टेशन - फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
संयुक्त किसान मोर्चा का भारत बंद लुधियाना में पूरी तरह से सफल रहा। जिले भर में 40 जगह किसान नेताओं ने धरना देकर यातायात को पूरी तरह से ठप कर दिया। वहीं महानगर के ज्यादातर बाजार पूरी तरह से बंद रहे। इमरजेंसी सेवाओं जैसे कि एंबुलेंस या फिर किसी जरूरी काम से निकले लोगों को जाने दिया गया। मजलिस अहरार इस्लाम हिंद की ओर से फील्ड गंज चौंक में केंद्र सरकार का पुतला फूंक कर रोष प्रदर्शन किया गया। शाही इमाम पंजाब मौलाना मुहम्मद उस्मान लुधियानवी ने कहा कि किसान भाइयों की मांगों को केंद्र सरकार द्वारा नजरंदाज करना शर्म की बात है। सत्ता का मतलब यह नहीं की जनता की आवाज को नजरंदाज कर दिया जाए। हमारा देश विश्व का सबसे बड़ा लोकतंत्र है यहां तानाशाही नहीं चल सकती। शाही इमाम मौलाना मुहम्मद उस्मान लुधियानवी ने कहा कि देश का हर वर्ग अपने किसान भाइयों के साथ है। 
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