संयुक्त किसान मोर्चा के आह्वान पर किसानों ने सोमवार को सुबह छह बजे से लेकर शाम चार बजे तक भारत बंद का एलान किया था। पूरे पंजाब में भारत बंद का व्यापक असर देखने को मिला। सड़क और रेल यातायात ठप रहने से लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ा। किसानों ने अमृतसर, फिरोजपुर राजपुरा, अबोहर में ट्रेनें रोक दीं। वहीं संगरूर, पठानकोट, मोगा में रेलवे ट्रैक पर बैठ गए। इसके अलावा दूध, फल-सब्जी की सप्लाई बाधित होने के कारण जहां लोगों को इससे वंचित रहना पड़ा तो वहीं व्यापारियों को आर्थिक नुकसान उठाना पड़ा। फरीदकोट में किसान संगठनों की तरफ से कोटकपूरा व जैतो सब डिवीजनों में 10 स्थानों पर नेशनल व स्टेट हाईवे पर चक्का जाम कर धरना दिया गया। पठानकोट में दिल्ली-जम्मू नेशनल हाइवे पर किसानों ने छह जगह पर धरना दिया। वहीं, रेलवे क्रासिंग पर भी जगह-जगह ट्रैक्टर और ट्रक खड़े कर दिए गए। दोपहर 12 बजे के करीब किसान संगठनों की ट्रैक्टर रैली बाजार से निकली तो दुकानें खोलकर बैठे दुकानदारों के साथ किसानों की झड़प हो गई। इसके बाद भाजपा नेता भी वहां पहुंचे, नारेबाजी हुई, इससे माहौल तनावपूर्ण हो गया। हालांकि, एसपी हेडक्वार्टर मनोज ठाकुर और डीएसपी सिटी राजेंद्र मन्हास ने बीच बचाव कर माहौल शांत किया।